राज्य सरकार डिजिटाइजेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. सीएम ने कहा है कि प्रज्ञा केंद्रों के बेहतर संचालन से ही डिजिटाइजेशन की सोच को साकार किया जा सकेगा.मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया है कि राज्य के सभी पंचायत भवनों में प्रज्ञा केंद्र स्थापित होनी चाहिए। वर्तमान समय में राज्य में लगभग 20 हजार प्रज्ञा केंद्र कार्यरत हैं सीएम ने भविष्य में प्रज्ञा केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 35 हजार तक करने का निर्देश जारी किया।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य में कार्यरत सखी मंडल की महिलाओ को प्रज्ञा केंद्र संचालित कर सकें इस निमित्त एक बेहतर कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया। ताकि आम जनता को जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, नया आधार कार्ड बनाना व आधार कार्ड में भूल सुधार आदि कार्य उनके निकटतम प्रज्ञा केंद्र में ही ससमय उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री ने अगले 3 महीने के अंदर राज्य के सभी प्रज्ञा केंद्रों में बिजली, पानी, जनरेटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी एवं सिक्योरिटी सहित अन्य जरूरी सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध कराने, सभी प्रज्ञा केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित कर ने को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया।



