विपक्ष की एकजुटता और विरोध के बीच केंद्र सरकार ने लेटरल एंट्री के अपने फैसले को वापस ले लिया है।प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने UPSC चेयरमैन को पत्र लिखकर लेटरल एंट्री का विज्ञापन रद्द करने के निर्देश दिए हैं।जिसके बाद विपक्ष ने फैसले को संविधान की जीत , पूरे हिंदुस्तान की जीत बताया है। बता दें कि UPSC ने 17 अगस्त को लेटरल एंट्री के जरिए सीधे सीनियर IAS लेवल की भर्ती के लिए 45 पोस्ट पर वैकेंसी निकाली थी। इनमें जॉइंट सेक्रेटरी, डिप्टी सेक्रेटरी और डायरेक्टर जैसे बड़े सरकारी पद शामिल हैं. जिसके बाद लेटरल एंट्री पर INDIA गठबंधन Vs मोदी सरकार वाली स्थिति हो गई थी।विज्ञापन में कहा गया था कि उपर्युक्त पदों के लिए योग्य कैंडिडेट्स का चुनाव किया जाएगा, लेकिन आरक्षित सीटों का जिक्र नहीं किया गया।18 अगस्त को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसको लेकर एक पोस्ट लिखा कि लेटरल एंट्री के जरिए भर्ती में आरक्षण लागू नहीं है।इस भर्ती के जरिए SC, ST और OBC वर्ग का हक छीना जा रहा है। तभी से इसको लेकर विरोध शुरू हो गया।




