झारखण्ड : ओमान में फंसी सिमडेगा की प्रीति कुजूर सुरक्षित अपने घर लौट आई है।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद भारतीय दूतावास और राज्य सरकार के प्रयासों से वापसी शुल्क में कमी कराई गई जिसके बाद प्रीति कुजूर का लौटना संभव हो पाया। बता दें कि मार्च 2026 में दुबई में 45–50 हजार रुपये मासिक वेतन का झांसा देकर ओमान भेजी गई प्रीति कुजूर से वहां मात्र 23–25 हजार रुपये मासिक पर काम कराया गया। भारत लौटने की इच्छा जताने पर कंपनी मालिक ने भारी रकम की मांग की। परिवार से 1.92 लाख रुपये लेने के बावजूद उसे नहीं छोड़ा गया। बाद में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अधीन कार्य कर रहे झारखण्ड प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास से बातचीत की, पीड़ित युवती की कमजोर आर्थिक स्थिति की जानकारी दी.भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से कंपनी मालिक अपनी मांगी गई रकम 950 ओमानी रियाल से घटाकर 600 ओमानी रियाल करने को मान गया। राशि जमा होने के बाद कंपनी मालिक ने प्रीति का पासपोर्ट और अन्य मूल दस्तावेज लौटा दिए। उन्हें शनिवार (1 अगस्त) को भारत रवाना किया, जिसके बाद वह रविवार को अपने घर पहुंच गईं।




