रांची : मुख्यमंत्री Hemant Soren के हस्तक्षेप के बाद कैमरून, साउथ अफ्रीका में फंसे 27 श्रमिकों का बकाया राशि लार्सेन एण्ड टुब्रो कंपनी द्वारा दे दी गई है एवं उनके भारत वापसी हेतु प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। श्रमिकों द्वारा जारी एक पत्र में लिखा गया है कि सबसे पहले तो हम आपसे और L&T कंपनी तथा उसके सभी स्टाफ से दिल से माफी मांगते हैं, कि बिना पुरी जानकारी के हमनें कल विभिन्न कार्यालय में तथा फैसबुक पर हमारे ठेकेदार तथा L&T कंपनी द्वारा हमें पेमेंट न दिए जाने की बात वायरल की थी तथा झारखण्ड राज्य सरकार व भारत केन्द्र सरकार से घर वापसी को गुहर लगाई थी, जबकि हमारे पेमेंट से L&T कंपनी का कोई लेना देना नहीं था और हम विनायक पावर के लिए काम कर रहे थे। कैमरून के लिए हमारे वीजा का प्रबंध विनायक पावर द्वारा किया गया था और हमारी पेमेंट की पूरी जिम्मेदारी विनायक पावर की श्री परन्तु जानकरी के अभाव में तथा गुस्से में हमने इस तरह का बयान तथा वीडियो वायरल किया.हम सभी प्रवासी मजदूर आप सबको बताना चाहते है कि आज दिनांक 17/07/2024 को हमें L&T कंपनी के यांउदे कैमरून स्थित स्थानिय कायलिय में बुलाया गया तथा विनायक पावर (ठेकेदार) के साथ का कपंनी के कमचारियों की मध्यस्थता में विनायक पावर (ठेकेदार) के साथ हमारी पेमेंट को फाइनलाइज किया गया तथा ठेकेदार द्वारा पेमेंट करने में असमर्थता जताने के बाद, हमारा सारा बाकाय भुगतान बिना किसी शर्ते L&T कंपनी द्वारा कर दिया गया।






