मणिपुर: 3 मई 2023 को मणिपुर में राज्य में जातीय हिंसा के दौरान दो आदिवासी महिलाओं को नग्न घुमाने के मामले में सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में दावा किया गया है कि निर्वस्त्र परेड और यौन उत्पीड़न से पहले दोनों महिलाएं पुलिस की जिप्सी के पास पहुंचकर पुलिस कर्मियों से मदद मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं दी गई.जिप्सी के ड्राइवर ने उन्हें बताया कि उसके पास गाड़ी की चाबी नहीं है.पुलिस जिप्सी के अंदर सादी खाकी वर्दी पहने ड्राइवर समेत दो पुलिसकर्मी उनके साथ थे और तीन से चार पुलिसकर्मी बाहर खड़े थे.उन्हें ख़तरा नहीं है कहकर पुलिस ने दोनों महिलाओं को वहां उनके हालात पर छोड़ दिया.पुलिस जिप्सी में दो अन्य पीड़ित पुरुष भी बैठे थे। जिप्सी छोड़कर सभी पुलिसकर्मी मौके से चले गए। इसके बाद भीड़ वहां पहुंची और महिलाओं को जिप्सी से बाहर निकालकर नग्न कर परेड कराया और उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। बता दें कि पीड़ित महिलाओं में एक की उम्र 20 साल और दूसरी की उम्र 40 साल के आसपास बताई गई है.आरोप पत्र में कहा गया है कि दोनों महिलाओं को नग्न परेड कराने के बाद भीड़ ने उसी परिवार की तीसरी महिला पर भी हमला किया था और उसे निर्वस्त्र करने का प्रयाश किया. लेकिन, वह भागने में सफल रही.




