मरांडी: जबसे झारखंड के श्रमवीर वापस लौटे हैं, तबसे हेमंत सोरेन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है

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सिल्कयारा टनल हादसे में फंसे झारखंड के 15 मज़दूरों सहित 8 राज्यों के कुल 41 मजदूरों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया है।जिंदगी की जंग जीतकर झारखण्ड के श्रमवीर आखिरकार लौट रहे हैं.टनल से सुरक्षित बाहर निकाले गए झारखण्ड के 15 श्रमिक कल हवाई जहाज से रांची आयेंगे।1 दिसंबर को यानी आज इंडिगो की फ्लाइट से सभी व्यक्तियों को शाम 8 बजे रांची लाया जाएगा।इसी बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा जबसे झारखंड के श्रमवीर उत्तरकाशी सुरंग हादसे सकुशल वापस लौटे हैं, तबसे हेमंत सोरेन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है lहेमंत जी, प्राकृतिक चुनौतियों और दुर्गम परिस्थितियों की वज़ह से बचाव अभियान में देर हुई, ना कि मजदूरों की गरीबी के कारण… प्रधानमंत्री नरेंद्रम मोदी जी, सीएम पुष्कर धामी जी और बचाव दल के सदस्यों ने जो 17 दिनों तक लगातार मेहनत की है, उसकी पल-पल की जानकारी हेमंत उत्तराखंड गए अपने टीम से या किसी मीडिया हाउस से भी प्राप्त कर सकते हैं lसारा बचाव अभियान को पूरी दुनिया ने देखा है, इसलिए हेमंत के क्रेडिट लेने के अरमानों पर पानी फिर गया है lशर्मिंदगी के मारे मजबूरी में इन्हें मजदूरों को शुभकामनाएं देनी पड़ी है…लेकिन वे अपनी कुढ़न नहीं छुपा पा रहे lदरअसल सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए सोरेन राज परिवार के अयोग्य एवं अज्ञानी राजकुमार हेमंत जी को पता ही नहीं कि गरीब और ग़रीबी क्या होती है? मालूम हो की मरांडी का ये बयान सीएम हेमंत सोरेन के उस बयान के बाद आया है जिसमें सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार को मजदुर वोधि बताया था ”आज 17 दिनों से उत्तराखंड में निर्माणाधीन सुरंग में मजदूर फंसे हुए हैं। इसमें झारखण्ड से भी मजदूर हैं। हमारे पदाधिकारी तब से वहीं हैं। वहां मजदूर फंसे हैं इसलिए केंद्र को कोई फिक्र नहीं है। अगर किसी व्यापारी या राजनेता का परिजन फंसा होता तो ऐसी स्थिति नहीं हुई होती। मजदूर विरोधी हैं यह लोग।”

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