भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के बाद झारखंड की राजधानी रांची समेत अलग-अलग हिस्सों में शुक्रवार 10 जून को हिंसा हुई थी।रांची में एक बार फिर से हिंसा फैलाने की साजिश रची जा रही थी लेकिन खुफिया रिपोर्ट मिलते ही पुलिस अधिकारी सतर्क हो गए। कई संवेदनशील इलाकों को सील करते हुए धारा 144 लागू कर दिया है। खुफिया विभाग के अनुसार कुछ लोग रांची में शुक्रवार 17 जून या उससे पहले एक और जुलूस निकालने की तैयारी मे हैं। जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन की आशंका है। खुफिया विभाग ने इससे जुड़ी रिपोर्ट रांची डीसी छवि रंजन को दी है।खुफिया विभाग की रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने जुलूस के संभावित रास्तों पर बैरिकेडिंग और वाटर कैनन की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है।आज सुबह में रांची पुलिस को वरीय पुलिस अधिकारियों द्वारा ब्रिफ्रिंग दी गयी. जिला प्रशासन के रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने रांची में कहीं बिना परमिशन के किसी भी प्रकार के जुलूस-प्रदर्शन पर रोक लगा दी है.रांची के संवदेनशील और मुस्लिम बहुल इलाकों को सील करने का काम शुरू कर दिया गया है. रैफ के अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जा रही है. जिला पुलिस के जवानों की भी आज रात से ही तैनाती शुरू कर दी जाएगी. सभी थानों को भी अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है. पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर पैनी नजर रख रही है, ताकि किसी भी आपत्तिजनक मैसेज, वीडियो और फुटेज को शेयर नहीं किया जाए, जिससे अफवाह फैले. डीसी के निर्देश के बाद हिंदपीढ़ी के सभी इंट्री प्वाइंट पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।



