रांची हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल हो रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि रांची पुलिस को सजा देना हैं तो अलकायदा ज्वॉइन करें.अलकायदा दुनिया का पहला ऐसा संगठन है जिसने अपने आतंकवादियों को हाईटेक और टेकसेवी बनाया है, और आतंक की दुनिया में उच्च शिक्षित पुरुषों और महिलाओं को टेरर फैलाने में लगाया है. इन लोगों से उम्मीद नहीं की जाती की उच्च शिक्षा प्राप्त पेशेवर इस तरह का काम करेंगे. इतना ही नहीं, इन्होंने आत्मघाती बनने का रास्ता चुना. अल-कायदा का गठन अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क के ट्विन टॉवर (वर्ल्ड ट्रेड सेंटर) को धराशायी करने वाले आत्मघाती हमलावरों को तैयार किया था. घटना को अंजाम देने वाले आतंकी ओसामा बिन लादेन ने वर्ष 1988 में संगठन तैयार किया था.
दावा किया जाता है कि इस संगठन का अंत 2011 में अमेरिकी सेना ने ओसामा को पाकिस्तान के एबटाबाद में मारकर किया, लेकिन मिस्र के अयमान-अल-जवाहिरी ने ओसामा की मौत के बाद इस संगठन को बनाए रखा. लेकिन सीरिया और इराक के गृहयुद्ध से उपजे पावर वैक्यूम ने अबू बकर अल बगदादी को एक नया संगठन खड़ा करने को प्रेरित किया और अल कायदा का एक बड़ा हिस्सा आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) के नाम से दुनिया के सामने आया. इसी संगठन के बैनर तले अल बगदादी ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) नाम के खिलाफत की नींव डाली और उसने खुद को दुनियाभर के मुस्लिमों का खलीफा (सर्वोच्च धर्मगुरु) घोषित किया.मेन रोड में उपद्रव करने वाले 29 आरोपितों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया है. कई आरोपित रिम्स में भर्ती हैं. रिम्स में भर्ती आरोपित जैसे ही ठीक होंगे उन्हें जेल भेज दिया जाएगा. इसके अलावा पुलिस ने 43 लोगों को हिरासत में लिया है. सभी से पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और फोटो के आधार पर आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है. कई और आरोपितों की पहचान हो गई है, उसकी भी गिरफ्तारी की जाएगी.



