राज्य सरकार ओमिक्रोन के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए चिंताजनक है, इसको लेकर प्रबंधन को जल्द आदेश दिया जायेगा. यह मशीन सरकार को पहले खुद खरीदनी थी, लेकिन टैक्स के रूप में 90 से 95 लाख रुपये का खर्च आने की वजह से सरकार अब रिम्स के जरिये मशीन खरीदना चाह रही है. रिम्स को शोध कार्य के लिए मशीन खरीदने पर जीएसटी के रूप में लगने वाला टैक्स माफ हो जायेगा. इससे सरकार का काफी पैसा बचेगा. इधर, सिक्वेंसिंग जीनोम मशीन की खरीद के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सहमति दे दी है, लेकिन सरकार द्वारा हर स्तर से पैसा बचाने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, जीनोम मशीन नहीं होने से राज्य में कोरोना के नये वैरिएंट की पहचान नहीं हो पा रही है, जबकि संक्रमित दूसरे राज्यों से लोग लगातार झारखंड पहुंच रहे हैं. यहां जांच में उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हाे रही है. इससे संक्रमण का खतरा है. जीनोम मशीन की खरीदारी में 90 से 95 लाख रुपये जीएसटी के रूप में टैक्स लग रहा है. रिम्स में शोध कार्य के लिए मशीन की खरीद होने पर जीएसटी माफ है. इसलिए राज्य का पैसा बचाने के लिए रिम्स के जरिये जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन खरीदने का निर्देश दिया जायेगा




