Ranchi: झारखंड में काम आवंटित करने के एक साल बाद भी तीन बड़ी महत्वपूर्ण नेशनल हाइवे की योजनाओं पर काम प्रारंभ नहीं किया जा सका है. एनएचएआई ने वर्ष 2020 में ही सारी प्रक्रिया पूरी कर तीनों महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के लिए काम आवंटित कर दिया था, लेकिन पर्याप्त जमीन व वनभूमि क्लीयरेंस नहीं मिलने की वजह से काम प्रारंभ नहीं किया जा सका है.
अधिकारियों के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा उक्त परियोजनाओं के लिए कम से कम 80 फीसदी जमीन उपलब्ध नहीं करा पाने एवं वन विभाग से एनओसी नहीं होने के कारण ठेकेदारों को अपाइंटमेंट डेट नहीं दिया जा सका है, जिस वजह से काम प्रारंभ नहीं हुआ. तीनों सड़क मिलाकर करीब 119 किमी रोड का काम अटका हुआ है. हालांकि, सीएम ने इसकी समीक्षा की है और पलामू, रांची, गुमला, गढ़वा जिला के उपायुक्त व वन विभाग के पदाधिकारियों को मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद अब कार्रवाई तेज हुई है.
इन सड़कों पर काम नहीं शुरू हो सका
हरिहरगंज से पड़वा मोड़ सेक्शन एनएच-98 से किमी 23.284 से किमी 57.049 तक फोरलेन सड़क. 33.760 किमी
पलमा से गुमला सेक्शन एनएच-23,किमी 26 से किमी 89.170। 63.170 किमी
शंखा से खजूरी फोरलेन सड़क,रेहला गढ़वा बाइपास तक: 22.730 किमी
राज्य में अब तक 2000 करोड़ की योजना हुई मंजूर,अधिकांश में काम प्रारंभ होगा नये साल में
पथ निर्माण विभाग ने अब तक राज्य भर में 91 सड़क योजनाओं की स्वीकृति प्रदान कर दी है. इनमें करीब 2000 करोड़ की लागत आयेगी. जिसमें 1518.22 करोड़ का स्वीकृत्यादेश भी निर्गत हो गया है. वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए ये योजनाएं ली गयी हैं. इसके अलावा कई योजनाएं पाइपलाइन में हैं, जिसका डीपीआर तैयार कराया जा रहा है. बाइपास निर्माण की योजनाएं ली गयी हैं. डीपीआर बनने के बाद सरकार से इसकी स्वीकृति ली जायेगी. नये साल 2022 में ही अब अधिकांश सड़कों पर काम प्रारंभ हो सकेगा. एनएचएआई भी इसके अलावा राज्य में इकोनोमिक कॉरिडोर निर्माण सहित एक दर्जन से अधिक फोरलेनिंग की योजनाओं पर काम कर रहा है. पथ निर्माण विभाग ने इंजीनियरों को कहा है की स्वीकृत योजनाओं के निविदा का त्वरित निष्पादन करते हुए एकरारनामा कर कार्य प्रारंभ किया जाये ताकि समय रहते योजनाओं पर काम प्रारंभ किया जा सके.
हालांकि, इस साल करीब 900 करोड़ रुपये खर्च किए गये हैं. लोहरदगा,रांची ग्रामीण,गुमला,मनोहरपुर,चतरा पथ प्रमंडल में राशि व्यय की स्थिति सबसे खराब है. उपलब्ध कराये गये आवंटन के खर्च करने में भी अनावश्यक विलंब की भी सूचना सरकार को मिली है. पथ निर्माण सचिव ने इसे गंभीता से लिया है और सभी कार्यपालक अभियंताओं को स्वीकृति के अनुरूप योजना कार्यान्वयन में प्रगति लाने उसके भुगतान के आवंटन की मांग करने एवं उपलब्ध करायी गयी आवंटन का व्यय जल्द करने का निर्देश दिया है.



