कोरोना कि दूसरी लहर में जब लोग काल के गाल में समा रहे तब RIMS में हो रही थी रेमडेसिविर कि चोरी?

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RANCHI’ 27 अगस्त:- एक बड़ी ख़बर निकल कर आ रही कोरोना की दूसरी लहर में जब रेमडेसिविर दवा की तालाश में लोग भटक रहे थे तब राजेंद्र इंस्ट्यूटी ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS) से इसकी चोरी हो रही थी। यहां से 6 वायल की चोरी हुई थी। इसका खुलासा रेमडेसिविर की कालाबाजारी की जांच कर रही SIT ने गुरुवार को किया है।SIT का नेतृत्व कर रहे ADG अनिल पालटा की ओर से झारखंड हाईकोर्ट को बताया गया कि RIMS से रेमडेसिविर की 6 वायल की चोरी की गई है। यह रेमडेसिविर भी कालाबाजारी करने के मुख्य आरोपी राजीव सिंह को उपलब्ध करायी गई थी। इस मामले पर RIMS से भी रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

क्या है पूरा मामला, जानिए?

सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार SIT की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले के मुख्य आरोपी राजीव सिंह के मोबाइल डाटा को खंगाला गया है। इसमें किसी संतोष कुमार नामक व्यक्ति से लगातार और कई बार बात होने की जानकारी मिली है। इसकी जांच की गई तो पता चला कि संतोष कुमार रिम्स में एक महिला अनुबंधकर्मी का करीबी है। उस महिलाकर्मी ने ही रिम्स से छह वायल की चोरी कर संतोष के माध्यम से राजीव को उपलब्ध कराया है। दोनों ने रेमडेसिविर की चोरी करने की बात स्वीकार भी की है,जिसके बाद दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ के की जा रही है। the news mrichi