वर्ष 2015 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जिन सीटों पर जदयू और भाजपा आपस में भिड़े थे, उनमें 57 फीसदी सीटों पर इस बार दोनों ने मिलकर कब्जा किया है। पिछली बार ये दोनों पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरी थीं। इस बार दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़े हैं।
पिछले चुनाव में 49 सीटों पर जदयू और भाजपा के उम्मीदवार आपस में टकराये थे और एक-दूसरे को मात दिये थे। दूसरी तरफ इस बार दोनों एनडीए के अंग थे। पिछले चुनाव में जदयू महागठबंधन का हिस्सा था। इस बार दोनों साथ मिलकर लड़े तो 49 में से 28 सीटों पर जदयू और भाजपा ने जीत दर्ज की। इन 28 में से जदयू 15 तथा 13 भाजपा ने जीती है। वहीं शेष 21 सीटें महागठबंधन की झोली में गई हैं। इन 21 में राजद को 12, कांग्रेस को तीन, माले को चार तथा बसपा और एआईएमआईएम को एक-एक सीटें मिली हैं।
इन सीटों पर 2015 में आपस में टकराये थे जदयू-भाजपा उम्मीदवार
अमनौर, बगहा, बैकुंठपुर, बाढ़, भभुआ, बिहारशरीफ, चैनपुर, चनपटिया, दीघा, जाले, झाझा, कल्याणपुर, कटिहार, कुढ़नी, लखीसराय, मुजफ्फरपुर, पिपरा, सिकटी, सीवान, वारसलीगंज, अगियावं, अमरपुर, बलरामपुर, बेलहर, बेनीपुर, दरौंदा, दिनारा, एकमा, गोपालपुर, लौकहा, नबीनगर, नालंदा, निर्मली, फुलपरास, हिसुआ, राजगीर, राजपुर, रुपौली, रानीगंज, सरायरंजन, सिकटा, सुपौल, जीरादेई, कोचाधामन, मोरवा, इस्लामपुर, गोह, परबत्ता और मधुबन। ranjana



