मरांडी: तदाशा मिश्रा जी,कुर्सी बचाने की कवायद में आपकी और राज्य सरकार की कैसी भद्द पिट रही,स्वतः इस्तीफा दीजिए

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tadasha mishra

रांची: झारखंड में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार को निर्देश दिया है कि वह अपनी नियुक्ति नियमावली की कानूनी वैधता पर अपना पक्ष स्पष्ट करे.अब अगली सुनवाई नौ अक्तूबर को होगी.वहीं झारखण्ड भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज कि सुनवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति को लेकर चल रहे कानूनी विवाद के बीच भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और डीजीपी तदाशा मिश्रा पर तीखा हमला बोला है। मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार डीजीपी नियुक्ति के मामले में कानूनी आधार स्पष्ट करने में विफल रही है और उन्होंने तदाशा मिश्रा से पद से इस्तीफा देने की मांग की है।मरांडी ने अपने बयान में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में डीजीपी नियुक्ति मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्णयों का पालन आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि पुलिस अधिनियम के तहत डीजीपी नियुक्ति के नियम बनाने का कानूनी आधार क्या है।

भाजपा नेता ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बड़ी संख्या में वरिष्ठ वकीलों की मौजूदगी के बावजूद सरकार को अदालत के सवालों का जवाब देना होगा। उनके अनुसार, किसी फैसले के पीछे पर्याप्त कानूनी आधार होना जरूरी है और केवल कानूनी प्रतिनिधित्व बढ़ाने से किसी निर्णय की वैधता सुनिश्चित नहीं होती।मरांडी ने डीजीपी तदाशा मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की पुलिस व्यवस्था में वास्तविक निर्णय किसी अन्य व्यक्ति के प्रभाव में लिए जा रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने बयान में कोई स्वतंत्र दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

उन्होंने तदाशा मिश्रा से कहा कि एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के रूप में उन्हें अपने पद, वर्दी और सेवा-जीवन की गरिमा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। मरांडी ने पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता का उल्लेख करते हुए उनके कार्यकाल से जुड़े विवादों की ओर भी संकेत किया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में लिए गए फैसलों का प्रभाव लंबे समय तक रहता है।मरांडी ने अंत में तदाशा मिश्रा से स्वतः इस्तीफा देने की अपील करते हुए कहा कि अपनी भी लाज रखिए, झारखंड की भी।

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