रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।30 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए (PMLA) कोर्ट द्वारा आरोप तय (चार्जफ्रेम) किए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने या इसे टालने की मांग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जांच जारी रहने की बात को ग्राउंड (आधार) बनाकर इस चरण में कोई कानूनी राहत नहीं दी जा सकती। ईडी (ED) द्वारा सप्लीमेंट्री जांच जारी रखने से मुख्य शिकायत पर ट्रायल और चार्जफ्रेम करने की प्रक्रिया नहीं रुकती।मुख्यमंत्री सोरेन ने विशेष पीएमएलए अदालत के 21 सितंबर के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें जांच पूरी होने तक उनके खिलाफ आरोप तय करने पर रोक लगाने की उनकी मांग को खारिज कर दिया गया था।हाई कोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब पीएमएलए की विशेष अदालत में हेमंत सोरेन के खिलाफ चार्जफ्रेम किए जाने की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही मुख्यमंत्री समेत कुल 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें से 16 सह-आरोपियों के खिलाफ कोर्ट पहले ही आरोप तय कर चुका है।




