हजारीबाग: 12 वर्षीय अनाथ सुनील दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर, मंत्री दीपक बिरुआ ने लिया ऐक्शन

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deepak birua

हजारीबाग, झारखंड। केरेडारी प्रखंड के फुसरी गांव का रहने वाला 12 वर्षीय अनाथ बालक सुनील तिर्की आज बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजारने को मजबूर है। परिवार का कोई सहारा नहीं होने के कारण वह दो वक्त की रोटी के लिए इधर-उधर मजदूरी करता है। कई दिनों तक काम नहीं मिलने पर उसे भूखे पेट केवल पानी पीकर रात गुजारनी पड़ती है।जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के चलते अब तक सुनील का जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं बन पाया है। दस्तावेजों के अभाव में वह किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले सका है। यही कारण है कि उसे शिक्षा, पोषण और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है।कम उम्र में ही मजदूरी करने को विवश सुनील आर्थिक तंगी के कारण स्कूल भी नहीं जा पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक दस्तावेज बन जाएं और उसे सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, तो उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।

इस मामले को लेकर झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ ने सोशल मीडिया के माध्यम से हजारीबाग के उपायुक्त से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने उपायुक्त से सुनील की तत्काल सहायता सुनिश्चित करने, उसके जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनवाने, सरकारी योजनाओं से जोड़ने तथा विद्यालय में नामांकन कराकर उसे शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की अपील की है।

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