जौनपुर में चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से डॉक्टर समीर हासमी की मौत हो गई। वह बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। मांझे से उनकी गर्दन कटती चली गई।आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घटना पंचहटिया स्थित प्रसाद इंटरनेशनल स्कूल के पास हुई। जौनपुर में चाइनीज मांझे से डॉक्टर के मौत के बाद जिले की पुलिस ने अपील करते हुए कहा कि मकर संक्रांति पर थोड़ी सी खुशी के लिए पतंग लूटने या काटने के लालच में चीनी मांझे का उपयोग न करें। त्योहार मनाएं, लेकिन ध्यान रखें कि किसी तरह की जनहानि न हो।पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोषियों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। चाइनीज मांझा पहले भी कई हादसों की वजह बन चुका है.कुछ इन पहले ही इंदौर में 45 वर्षीय रघुवीर धाकड़ की जान पतंग के मांजे ने ले ली थी.हैदराबाद में भी चीनी मांझे से 2 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को गंभीर चोटें आईं, जिनमें से एक की जान बचाई गई.बता दें कि तेलंगाना सरकार ने 2016 से चीनी मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध लगाया हुआ है.




