रांची: रिम्स की व्यवस्था पर उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप और आदेश के बाद आज सेवानिवृत्ति जज अमरेश्वर सहाय की निगरानी में जीबी बैठक संपन्न हुई। रिम्स की 61वीं शासी परिषद की ये बैठक झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर बुलाई गई थी. इस बैठक में रिम्स की चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने पर सकारात्मक चर्चा हुई।यह बैठक शनिवार को हुई और इसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने की. बैठक में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए कुल 33 में से पहले चरण के 16 एजेंडों पर चर्चा हुई।
सांसद संजय सेठ ने कहा RIMS पर झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों की उम्मीदें टिकी रहती हैं। इसलिए इस अस्पताल को व्यवस्थित करना आवश्यक है। आज की बैठक में जनहित में कई आवश्य प्रस्ताव और निर्णय लिए गए। संजय सेठ ने जानकारी दी कि
1.वर्तमान समय में रिम्स में 125 वेंटीलेटर मशीन फंक्शन में हैं। 100 अतिरिक्त वेंटीलेटर मशीन खरीदे जाने पर बातचीत हुई।
2.भारत सरकार की आयुष्मान से रिम्स को प्रत्येक महीने 1 करोड रुपए आते हैं। इससे यहां आने वाले मरीजों के लिए सुविधा बढ़ाने पर बातचीत हुई।
3.हृदय रोगियों को स्टंट लगाने से संबंधित मुद्दे पर गंभीरता पूर्वक चर्चा हुई। कई बार यह बात सामने आती है कि स्टंट के अभाव में लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। यह तय किया गया कि मामले में अस्पताल प्रबंधन गंभीरता दिखाए और स्टंट लगाने के लिए आने वाले हृदय रोगियों को त्वरित स्टंट उपलब्ध कराकर उनका उपचार सुनिश्चित किया जाए।
4.संजय सेठ ने यह प्रस्ताव दिया कि रिम्स में बच्चों के जन्म के साथ ही उनका जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि अभिभावकों को अनावश्यक परेशानी नहीं हो।
आज की बैठक में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री इरफान अंसारी, विधायक श्री सुरेश बैठा, स्वास्थ्य सचिव श्री अजय कुमार, रिम्स निदेशक डॉ० राजकुमार सहित कई पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि अगली गवर्निंग बॉडी की बैठक 9 अक्टूबर को होगी, जिसमें अस्पताल से जुड़े बाकी 18 एजेंडों पर चर्चा की जाएगी। इस बार सिर्फ कोर्ट के प्रस्तावों पर ही बात हुई।




