राँची: रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आज सदर अस्पताल, राँची के सभागार में अस्पताल प्रबंधन समिति, गवर्निंग बॉडी की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।बैठक में सिविल सर्जन सदर राँची, डॉ. प्रभात कुमार, आयुष्मान भारत के नोडल पदाधिकारी, चिकित्सा विशेषज्ञों, रोगी कल्याण समिति के सदस्यों, और अन्य हितधारकों ने भाग लिया।बैठक का मुख्य उद्देश्य सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, बुनियादी ढांचे का विकास, और रोगी कल्याण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।
पेट स्कैन सेवाओं की स्थापना
सदर अस्पताल, रांची में अत्याधुनिक पेट स्कैन सेवाओं की स्थापना का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। यह सुविधा कैंसर और अन्य जटिल रोगों के निदान में मील का पत्थर साबित होगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाली जांच सुविधा उपलब्ध होगी।
मैमोग्राफी सेवाओं की स्थापना
महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, अस्पताल में मैमोग्राफी सेवाओं की शुरुआत का निर्णय लिया गया। यह सुविधा स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच और रोकथाम में महत्वपूर्ण योगदान देगी।आपातकालीन और नियमित चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने के लिए 24×7 रेडियोलॉजी सेवाएं (अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे आदि) शुरू करने का फैसला लिया गया। यह कदम मरीजों को त्वरित और सटीक निदान सुनिश्चित करेगा।ब्लॉक स्तर पर रक्त नमूना संग्रह केंद्र स्थापित किए जाने पर विचार किया गया। जिनके नमूने परीक्षण के लिए सदर अस्पताल, रांची में परिवहन किए जाएंगे। यह प्रणाली ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए जांच सुविधाओं को सुलभ बनाएगी।
अस्पताल में निर्बाध डिजिटल संचालन और टेलीमेडिसिन सुविधाओं के लिए लीज लाइन कनेक्शन स्थापित करने पर विचार किया गया। यह कदम अस्पताल के डिजिटलीकरण और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।अस्पताल परिसर में ऑडिटोरियम और डाइनिंग एरिया के उपयोग के लिए उचित दरें निर्धारित की गईं। यह सुविधाएं प्रशिक्षण, सेमिनार और कर्मचारी कल्याण के लिए उपयोगी होंगी।अस्पताल के चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव और दीर्घकालिक कार्यक्षमता के लिए व्यापक वार्षिक रखरखाव अनुबंध (सीएएमसी/एएमसी) लागू करने का निर्णय लिया गया।
मुद्रित रजिस्टर और प्रारूप
ओपीडी और आईपीडी के सभी विभागों के लिए मानकीकृत मुद्रित रजिस्टर और प्रारूप लागू किए जाएंगे, ताकि रिकॉर्ड प्रबंधन को और अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सके।गैर आयुष्मान भारत योजना के तहत आने वाले मरीजों और नकद भुगतान करने वाले सर्जिकल रोगियों के लिए पारदर्शी और किफायती दरें निर्धारित करने का निर्देश दिया गया।सदर अस्पताल में दो अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) स्थापित करने का प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया गया। जिसमें जटिल सर्जरी के लिए सुसज्जित होंगे।अस्पताल में मौजूद क्षतिग्रस्त और अप्रचलित उपकरणों को बदलने की मंजूरी दी गई, ताकि नए उपकरणों के लिए स्थान और संसाधन उपलब्ध हो सकें।
अस्पताल की चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नए और उन्नत उपकरणों की खरीद के लिए बजट और प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर विचार किया गया।सदर अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। आपातकालीन सेवाओं, मातृ-शिशु स्वास्थ्य देखभाल, और संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया गया।मरीजों की सुविधा के लिए ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) के समय को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया।निदान सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए डिजिटल एक्स-रे मशीन और अल्ट्रासाउंड उपकरणों की मरम्मत और नए उपकरणों की खरीद की योजना को मंजूरी दी गई।मरीजों के परिजनों के लिए विश्राम कक्ष और स्वच्छ पेयजल सुविधा को बढ़ाने पर जोर दिया गया।रोगी कल्याण समिति के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए मुफ्त दवाओं और जांच की सुविधा को और व्यापक करने का निर्णय लिया गया।समिति ने जिला प्रशासन के सहयोग से स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करने की योजना बनाई, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और जागरूकता कार्यक्रम शामिल होंगे।
गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए विशेष देखभाल इकाई (NICU) की स्थापना के लिए बजट आवंटन पर सहमति बनी।सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों और पारा-मेडिकल स्टाफ के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को तेज करने और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति पर जोर दिया गया।विशेष रूप से कहा, “सदर अस्पताल, राँची न केवल जिला मुख्यालय का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी जीवन रेखा है। हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिले।




