रांची : भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर आज कहा ”शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व उत्पाद सचिव विनय चौबे से दो दिनों के रिमांड पर ACB पूछताछ कर रही है। अगर इरादा सच में सच्चाई जानने का और घोटाले की तह तक जाने का हो तो उनसे ये सवाल ज़रूर पूछे जाने चाहिए।छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से पहले जो पत्र मैंने मुख्यमंत्री जी को लिखा था, क्या वो आपको प्राप्त हुआ?अगर मिला, तो क्या उस पत्र को आपने पढ़ा भी? या सिर्फ अलमारी में रख दिया गया?यदि पढ़ा, तो उस पर आपने क्या कार्रवाई की?क्या आपके पास मुख्यमंत्री कार्यालय से कोई निर्देश आया उस पत्र के संबंध में?जब झारखंड के विधायक रायपुर भ्रमण पर गए थे, तो क्या वहाँ की व्यवस्था और गाड़ियों में भरकर उस होटल में शराब पंहुचवाने के लिये आपकी ओर से किसके आदेश पर किसी को कहा गया था?उस दौरान रायपुर के किन-किन लोगों से आपकी बातचीत हुई थी?क्या Marshan Securities और Vision Hospitality जैसी कंपनियों का चुनाव मुख्यमंत्री/मुखयमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बिना संभव था?मुख्यमंत्री Hemant Soren जी की भूमिका इस पूरे घोटाले में कितनी रही और छत्तीसगढ़ सिंडिकेट आगमन से जो काली कमाई हुई उसमें मुख्यमंत्री जी की कितने की हिस्सेदारी थी?हम समझते हैं कि मुख्यमंत्री जी के अधीन ACB से ऐसी उम्मीद करना थोड़ा दु:साहसिक है। पर सवाल तो पूछने पड़ेंगे ना? सच तो ये है कि राज्य की जिस संस्था को स्वतंत्र और निष्पक्ष होना चाहिए था, वही संस्था सत्ताधारियों को बचाने की ढाल बनी दिख रही है।वैसे अगर ACB ये सारे सवाल नहीं पूछेगी तो आगे स्वतंत्र एजेंसियाँ इन सवालों का जवाब तो ढूँढ ही निकालेगी। और फिर जनता इन जांचकर्ताओं से सवाल पूछेगी। क्योंकि झारखंड की जनता को सस्ती शराब नहीं, साफ़ शासन चाहिए।”




