राँची: झारखण्ड में बेहतर स्वास्थ व्यवस्था के लिए हेमंत सरकार लगातार प्रयास कर रही है. चिकित्सा के दौरान रिम्स में मरीजों के मृत्यु होने पर व उनके परिजनों द्वारा नेत्रदान/अंगदान करने पर 5 हजार रूपए और सभी नेत्रदाताओं/अंगदाताओं के शव को रिम्स से घर तक ले जाने हेतु निःशुल्क शव वाहन की व्यवस्था की जायेगी। आज एक्स पर स्वास्थ मंत्री इरफ़ान अंसारी ने जानकारी देते हुए लिखा “उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं से सशक्त होगा झारखंड” माननीय मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM जी के नेतृत्व और आदरणीय @RahulGandhi जी के मार्गदर्शन में झारखंड की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए मैं दिन-रात काम कर रहा हूँ। RIMS हमारे झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र की हृदयस्थली के बराबर है।रिम्स जैसी संस्थान में राज्य के विभिन्न जिलों के मरीज बड़ी संख्या में इलाज के लिए आते है। जब से मैंने स्वास्थ्य विभाग का कार्यभार संभाला है, एक समस्या सबसे ज्यादा हमारे संज्ञान में आ रही है कि, इलाज के दौरान मृत्यु होने पर गरीब व निधन परिवार के लोग मृतक के शव को रिम्स से अपने घर तक ले जाने तथा अंतिम संस्कार के लिए उन्हें काफी समस्या का सामना करना पड़ता है।RIMS शासी की बैठक में हमने यह निर्णय लिया है कि, चिकित्सा के दौरान रिम्स में मरीजों के मृत्यु होने पर व उनके परिजनों द्वारा नेत्रदान/अंगदान करने पर 5,000/- अंतिम संस्कार हेतु तथा उन सभी नेत्रदाताओं/अंगदाताओं के शव को रिम्स से घर तक ले जाने हेतु निःशुल्क शव वाहन की व्यवस्था की जायेगी।




