झारखण्ड: राज्यपाल एवं केंद्र सरकार द्वारा निर्देश पारित किए गए हैं कि अब +2 की पढ़ाई विश्वविद्यालयो और डिग्री कॉलेजों में बंद की जाएगी। इस आदेश ने इस साल दसवीं पास करने वाले विद्यार्थियों के साथ साथ पिछले वर्ष पास दसवीं करने वाले विद्यार्थियों को भी असमंजस की स्थिति में डाल दिया है। उन्हें चिंता है कि क्या उन्हें री-एडमिशन या री-रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया से गुज़रना होगा।आज शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन से झामुमो नेता कुणाल सारंगी ने इस विषय पर संज्ञान लेने का आग्रह किया और मांग रखी कि ऐसे छात्रों को दोबारा ‘री-एडमिशन’ या ‘री-रजिस्ट्रेशन’की प्रक्रिया से न गुज़ारा जाए, बल्कि उनकी आगे की पढ़ाई का समुचित एवं बाधारहित प्रावधान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने जिले के विभागीय पदाधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट ली और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के अध्यक्ष और सचिव को दूरभाष पर इस चुनौती को पाटने की तैयारी करने को कहा।दोनों अधिकारियों ने मंत्री को सूचित किया कि पिछले साल दसवीं पास किए और वर्तमान में विश्वविद्यालय या डिग्री कॉलेजों में ग्यारहवीं की पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राओं के लिए विशेष तौर पर रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की जाएगी कि किसी भी छात्र की पढ़ाई केवल प्रक्रिया के नाम पर बाधित न हो और विशेष रूप से गरीब एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रह सके।




