झारखण्ड : संसद रत्न पुरस्कार 2010 में शुरू हुआ जो कि अब तक 75 सांसदों को मिल चुका है. यह सरकारी पुरस्कार नहीं है. एक एनजीओ यह पुरस्कार देता है. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर इस पुरस्कार की शुरुआत हुई थी.4 सांसदों को संसदीय लोकतंत्र में उत्कृष्ट और सतत योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया जायेगा इनमें भर्तृहरि महताब (भाजपा),सुप्रिया सुले (एनसीपी-एसपी),एन के. प्रेमचंद्रन (आरएसपी),श्रीरंग अप्पा बारणे (शिवसेना) शामिल हैं.बाकी 13 सांसदों को भी उनके विशिष्ट संसदीय कार्यों के लिए चुना गया है.संसद रत्न पुरस्कार 2025 के लिए विद्युत वरण महतो (भाजपा),डॉ निशिकांत दुबे (भाजपा),स्मिता वाघ (भाजपा),अरविंद सावंत (शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट),नरेश गणपत म्हास्के (शिवसेना),वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस),मेधा कुलकर्णी (भाजपा),प्रवीण पटेल (भाजपा),रवि किशन (भाजपा),पीपी चौधरी (भाजपा),मदन राठौर (भाजपा),सीएन अन्नादुरै (डीएमके), दिलीप सैकिया (भाजपा) का चयन हुआ है.ये पुरस्कार संसद में सक्रियता, बहस में भागीदारी, प्रश्न पूछने और विधायी कामकाज में योगदान के आधार पर दिये जाते हैं. यह पुरस्कार प्राइम प्वाइंट फाउंडेशन की तरफ से शुरू किया गया है.




