नई दिल्ली : क्रिकेट के मैदान में कई बार ऐसे वाकये होते हैं जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाते हैं. खेल के मैदान में किसी खिलाड़ी को चोटिल हो जाना भी खेल का एक अभिन्न हिस्सा है. क्रिकेट का खेल भी इससे अछूता नहीं है. कई ऐसे वाकये भी हुए हैं जब बुरी तरह चोटिल होने के बावजूद खिलाड़ियों ने मैदान नहीं छोड़ा और अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए जी-जान से खेलते रहे. ऐसे ही एक महान क्रिकेटर रहे मैल्कम मार्शल.
बात कुछ 80 के दशक की है…
80 के दशक में मैल्कम मार्शल के नाम की तूती बोलती थी. वेस्टइंडीज़ के इस घातक तेज गेंदबाज से दुनियाभर के बल्लेबाज खौफ खाते थे. लेकिन 1984 में हेडिंग्ली टेस्ट के दौरान बल्लेबाजी करते हुए मार्शल ने जिस बहादुरी की मिसाल पेश की, वो इतिहास में दर्ज हो गया.
दरअसल, इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए इस टेस्ट मैच के पहले ही दिन मार्शल के बाएं हाथ का अंगूठा टूट गया. लेकिन इससे मार्शल का हौसला नहीं टूटा. मार्शल की टूटी उंगली में प्लास्टर लगा और डॉक्टरों ने उन्हें दो हफ्ते का विश्राम लेने की सलाह दी. लेकिन मार्शल कहां मानने वाले थे.एक हाथ से की बैटिंग
इंग्लैंड ने पहली पारी में 270 रन बनाए थे. जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम की ओर से लैरी गोम्स टिके हुए थे. एक-एक कर नौ बल्लेबाज पवैलियन का रास्ता नाप चुके थे. नौवें विकेट के रूप में जोएल गार्नर के आउट होने के बाद चोटिल हुए मार्शल को बैटिंग करने आना था. तब लैरी गोम्स 96 रन पर नाबाद थे और अपने शतक के करीब पहुंच रहे थे.
लोगों को लगा कि अब गोम्स का शतक नहीं हो पाएगा. लेकिन मार्शल अपना टूटा अंगूठा लेकर बल्लेबाजी करने उतरे और सिर्फ एक हाथ से बैट पकड़कर बल्लेबाजी की. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शायद ये पहला मौका था, जब किसी बल्लेबाज ने एक हाथ से बैटिंग की हो. लेकिन मार्शल ने बखूबी ये कमाल करके दिखाया.
गोम्स की सेंचुरी पूरी करवाने के लिए मार्शल दूसरे छोर पर मजबूती से डटे रहे और एक हाथ से बल्लेबाजी करते रहे. हालांकि आखिरी विकेट उनका ही गिरा, लेकिन तब तक गोम्स शतक लगा चुके थे और वेस्टइंडीज ने अपनी पारी में बढ़त बनाने में कामयाबी हासिल की थी. मार्शल ने अपनी इस साहसिक पारी में 8 गेंदों में 1 चौके की मदद से 4 रन बनाये.7 विकेट भी चटकाए
मार्शल की जांबाजी की कहानी यहीं पर खत्म नहीं होती. इसके बाद फील्डिंग करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम में मार्शल ने टूटे अंगूठे के साथ शानदार बॉलिंग करते हुए 53 रन देकर इंग्लैंड के 7 विकेट भी चटकाए. मार्शल की आग उगलती गेंदों का सामना करने की हिम्मत किसी इंग्लैंड के बल्लेबाज में नहीं हुई और पूरी टीम महज 159 रन पर सिमट गई. अगली पारी में वेस्टइंडीज ने 2 विकेट के नुकसान पर निर्धारित लक्ष्य हासिल कर लिए और 8 विकेट से जीत गयी. मैल्कम मार्शल ने आज ही के दिन (16 जुलाई) ये कारनामा कर दिखाया था.
Ranjana
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