बिहार : भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में उपेंद्र कुशवाहा को चार सीटें दी थीं, जिनमें से एक पर उनकी पत्नी विधायक बनीं। अब बीजेपी को मिले एक मंत्री पद पर कुशवाहा ने अपने बेटे को जगह दिला दी, जबकि वह किसी सदन के सदस्य नहीं हैं।उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता, जो सासाराम से विधायक हैं, का नाम मंत्री पद के लिए आगे चल रहा था, लेकिन आख़िरी वक्त पर समीकरण बदल गए। एनडीए में सीट बंटवारे के दौरान उपेंद्र कुशवाहा की नाराज़गी बढ़ी थी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्हें एक एमएलसी सीट देने का आश्वासन मिला था। इसी वादे का रणनीतिक उपयोग करते हुए उन्होंने अपनी पत्नी की जगह बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बनवा लिया—हालाँकि दीपक ने कोई चुनाव नहीं लड़ा है। अब छह महीने के भीतर उन्हें विधान परिषद या विधानसभा का सदस्य बनना होगा, जिससे एमएलसी सीट पर उनकी दावेदारी लगभग तय मानी जा रही है। इस तरह कुशवाहा ने एक ही कदम से बेटे को मंत्री पद और खुद को वादा की गई एमएलसी सीट दोनों सुनिश्चित कर ली।




