टीपीसी के इनामी नक्सली संतोष गंझू ने पुलिस के समक्ष किया आत्मसमर्पण,

0

रांची क्षेत्र के इनामी नक्सली संतोष गंजू ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।अन्य साथियों से भी मुख्य धारा में जुड़ने का किया अपील।जिसकी जानकारी रांची पुलिस की तरफ से शुक्रवार को दी.इनामी नक्सली संतोष गंजू के आत्मसमर्पण के बाद रांची एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि संतोष गंझू 2013 से 2017 तक टीपीसी नक्सली संगठन के लिए काम कर रहा था।रांची के बूरमु और ओरमांझी इलाके में संगठन के लिए सक्रिय तरीके से काम कर रहा था।वही आत्मसर्मपण करने के बाद नक्सली संतोष गंझू ने बताया कि कई वर्षों तक नक्सली संगठन के लिए काम करने के बाद उन्हें लगा कि पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर देना .चाहिए क्योंकि पुलिस के द्वारा लगातार कुर्की जब्ती एवं अन्य कार्रवाई के माध्यम से दबाव बनाए जा रहे थे।वही पुलिस के आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर भी आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।उन्होंने बताया कि संगठन के लिए कई बार गोलियां चलाई तो कई बार ठेकेदारों से पैसे की मांग के लिए मारपीट की।लेकिन नक्सल संगठन द्वारा युवाओं से सिर्फ गलत काम कराए जाते हैं और फिर उन्हें मौत के मुंह में धकेल दिया जाता है।ऐसे में युवा पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं और जान से मारे जाते हैं।आत्मसमर्पण करने के बाद नक्सली संतोष गंझू ने बताया कि गरीबी की वजह से युवा नक्सली संगठन में ज्वाइन करते हैं लेकिन पुलिस की आत्मसमर्पण नीति भटके हुए युवाओं को समाज के मुख्य धारा में जोड़ने का काम कर रही है।वहीं रांची के एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे दवाब और आत्मसमर्पण नीति के लिए चलाए जा रहे हैं प्रचार प्रसार की वजह से संतोष गंझू जैसे हार्ड कोर नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पुलिस के अभियान से प्रभावित होकर और भी कई नक्सली आत्म समर्पण नीति के तहत आत्म समर्पण करने का काम करेंगे।वहीं इसके अलावा पुलिस ने एक और अन्य माओवादी को गिरफ्तार किया जो वर्ष 2019 में हुए एक मुठभेड़ में पांच पुलिस वालों को मौत के घाट उतारने वाले दस्ते का सदस्य रह चुका है।एनआईए की भी टीम इसके ऊपर कार्रवाई कर जेल भेज चुकी है। वर्ष 2019 में एक वर्ष तक यह जेल में भी रहा है।लेकिन बेल पर बाहर निकलने के बाद फिर से कई दस्ते में शामिल होकर सक्रिय हो रहा था।तमार पुलिस और एसएसबी एवं सीआरपीएफ के जवानों को गुप्त सूचना मिली।जिसके बाद माओवादी को पकड़ा गया।गौरतलब है कि रांची क्षेत्र में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए रांची पुलिस,सीआरपीएफ,एसएसबी लगातार अभियान चला रही है।ताकि ग्रामीण क्षेत्र से भटके हुए युवा को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here