अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) के दो डॉक्टरों को नोटिस देकर पदों से हटा दिया गया है। इनमें एक डॉक्टर वही हैं, जिन्होंने हाथरस में 19 साल की दलित लड़की का रेप न होने की फरेंसिक रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। हालांकि पीड़िता ने मरने से पहले दिए बयानों में गैंगरेप का आरोप लगाया था। दूसरे डॉक्टर भी इस केस से जुड़े रहे थे।
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन दो डॉक्टर्स को नोटिस भेजा गया उनके नाम हैं -डॉ. अज़ीम मलिक और डॉ. ओबैद हक. डॉक्टर हक ने पीड़ित महिला के मेडिको-लीगल केस की रिपोर्ट को देखा था। डॉक्टर मलिक ने हाथरस कथित गैंगरेप मामले में आई फरेंसिक (FSL) रिपोर्ट के सिलसिले में दावा किया था कि ये रिपोर्ट कोई मतलब नहीं रखती। FSL की इसी रिपोर्ट के आधार पर उत्तर प्रदेश के ADG (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पीड़िता का रेप नहीं हुआ था।



