Ranchi : झारखंड के मुख्यमन्त्री हेमन्त सोरेन ने जो कल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर जो बयान दिया है, उस पर मोदी सरकार को भी गंभीरता से पहल करते हुए आगे बढ़ना चाहिए तभी देश का भला हो सकता है। पहली बार देश के किसी मुख्यमन्त्री ने रूरल इकॉनमी का मजबूत करने की बात कह कर विकास की एक नई परिभाषा की बात कहीं है, जो भारतीय ग्रामीण समाज के लिये समय की मांग है। उन्होने एक प्रोग्राम मे साफ तौर पर कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किये बिना झारखंड का कोई विकास समग्र रूप से नहीं हो सकता है। कोयला खनन प्रदेश के विकास का पैमाना नहीं हो सकता। मुख्यमन्त्री ने यह कह कर सबको सोचने पर बाध्य कर दिया कि झारखंड का विकास का असली रास्ता जंगल के गांवों से होकर गुजरता है और हमे इस दिशा मे मजबूती के साथ आगे बढ़ना होगा।



