राँची। लोजपा के नेता चिराग पासवान अब राजद से हाथ मिला सकते हैं, वैसै भी भाजपा के साथ रहने मे उनकी किरकिरी होगी। राजद मे जाने से पहले वो अपनी राजनितिक ज़मीन को टटोल रहे हैं। जनता की अदालत मे जो रिस्पॉन्स मिलेगा उसके बाद ही उनका भविष्य तय होगा। वैसे, कांग्रेस पार्टी भी चिराग पर डोरा डाल रही है। चिराग के चाचा को केंद्र मे मंत्री बनाए जाने के बाद यह तय हो गया है कि जदयू के कन्धे पर बन्दुक रखकर लोजपा पार्टी को खत्म करने में भाजपा की भूमिका सबसे अहम थी। फिलहाल, चिराग की लोकप्रियता कम होती जा रही है।



