शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष JP Nadda ने झारखंड के रांची में ‘संकल्प यात्रा 2023’ के समापन पर आयोजित जनसभा को सम्बोधित किया.इस दौरान जेपी नड्डा ने हेमंत सरकार पर जनजातियों के नाम पर वोट मांगने का आरोप लगाया. जिसके जवाब में जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य ने भी भाजपा पर निशाना साधा है .सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की विशाल सभा में कुर्सियां खाली रही।मैं अक्सर भाजपा से कहता हूं कि जब भी सभा के लिए बाहर से लोग को लाते हो ध्यान रखो कि जिस दिन हाट-बाजार लगता है उस दिन सभा करा दो। कम से कम यह तो लगेगा कि कुछ लोग सुनने गए थे। यह अलग बात है कि वे आलू-प्याज खरीदने गए हों। नड्डा जी बताएं कि मध्यप्रदेश में किसकी सरकार है जहां उज्जैन मे लड़की को नंगा कर बलात्कार किया गया, आदिवासी पर पेशाब किया गया।आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार की बात करने वाले भूल गए कि मणिपुर इसी देश का राज्य है और किस समुदाय के लोग रहते हैं, जहां महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़कों पर घुमाया गया।केंद्रीय गृहमंत्री के अधीन दिल्ली पुलिस बलात्कार के आरोपी सांसद को क्यों नहीं पकड़ती है।आदिवासी की बात करते हैं और संसद के उद्घाटन से आदिवासी राष्ट्रपति को दूर रखते हैं।सुप्रीयो भट्टाचार्य ने चुनौती देते हुए कहा कि आपमें हिम्मत है तो श्वेत पत्र जारी कीजिए और बताईए कि योगेंद्र तिवारी के ऑफिशियल अकाउंट से सुनील तिवारी के मार्फत बाबूलाल जी को पैसा गया कि नहीं गया।सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा कि जो सांसद अपने गृह राज्य हिमाचल में पार्टी को जीत नहीं दिला सकता है वह छत्तीसगढ़ साधने चला है। झारखंड को सीखाने चला है। दुनिया का सबसे बड़ा जमीन घोटाला मोदी सरकार ने अडानी के साथ मिल कर किया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की जमीन क्यों और किस आधार पर अडाणी को दे दिया गया।हमसे सवाल करते हैं कि ईडी से क्यों भागते हो। शर्म कीजिए नड्डा जी।15 नवंबर को बिरसा मुंडा जंयती पर पीएम मोदी झारखण्ड आ रहे हैं इसपर भी उन्होंने बात की उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री 15 नवंबर को रांची आ रहे हैं. बहुत अच्छी बात है. पिछली बार 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जंयती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया. इस बार किसी योजना को लॉन्च करने आ रहे हैं. चुनाव निकट आते ही अब पीएम को झारखंड की याद आने लगी है. पहले भाजपा ईडी, आईटी, सीबीआई का इस्तेमाल अपने लिए करती थी, अब राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का भी इस्तेमाल चुनावी फायदे के लिए कर रही है.



