बिहार चुनाव के बीच मुंगेर जिले में दुर्गा विसर्जन के दौरान हिंसक वारदात हुई है. शहर के दीन दयाल चौक पर बदमाशों द्वारा फायरिंग और पत्थरबाजी की घटना को अंजाम दिया गया जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोगों को गोली लगी है और कई घायल हो गए हैं. 26 अक्टूबर की शाम जब पुलिस ने पूजा समितियों से जल्द से जल्द विसर्जन की बात कही तो पुलिस और पूजा समितियों के बीच पथरबाजी और गोलीबारी शुरू हो गई. मृतक के परिजनों और लोगों के अनुसार मुंगेर पुलिस ने जान बूझकर गोली चलाई है. उनका कहना है कि जब पुलिस प्रसाशन को चुनाव ही कराना है तो विसर्जन चुनाव के बाद करवाती.
वहीं, सदर अस्तपताल के उपाधीक्षक डॉ निरंजन कुमार के अनुसार डेढ़ दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल आए जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोगों को गोली लगी है. उन्होंने कहा कि जिसमें एक की मौत हो चुकी है. एक गंभीर रूप से घायल बच्चे को बेहतर इलाज के भागलपुर रेफर कर दिया है.
वहीं, इस घटना में एक युवक की मौत भी हो गई है और दूसरे युवक को भागलपुर रेफर किया गया है. आक्रोशित लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रसाशन ने बेगुनाहों पर गोली चलाई है. आपको बता दें कि चुनाव के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस प्रसाशन ने पूजा समितियों को 26 अक्टूबर की शाम तक प्रतिमाओं का विसर्जन कर लेने का निर्देश दिया था.दरअसल, दुर्गा पूजा के विसर्जन को लेकर लेकर डीएम-एसपी ने कई दुर्गा पूजा समितियों के साथ बैठक की थी. वहीं, पूजा समितियों ने प्रसाशन से आग्रह किया की चुनाव के बाद दुर्गा का विसर्जन करेंगे लेकिन मुंगेर पुलिस व जिला प्रसाशन ने सभी पूजा समितियों को आदेश दिया वो 26 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा का विसर्जन कर लें.
लेकिन जिले में बड़ी देवी दुर्गा जिनकी धार्मिक मान्यता है, वहां प्रतिमा का विसर्जन भव्य तरीके से होता है. मां की प्रतिमा को 32 लोग कंधे पर उठाते हैं. वहीं, शहर में मान्यता है कि बड़ी दुर्गा के विसर्जन के बाद ही अन्य प्रतिमाओं का विसर्जन होता है. ये परंपरा सदियों से चली आ रही थी.
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