उत्तर प्रदेश:मौनी अमावस्या पर स्नान न करने के बाद धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज मेला प्राधिकरण ने नोटिस भेजा है. इस नोटिस में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले का हवाला देते हुए प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद से पूछा है कि वो कैसे खुद को शंकराचार्य बता रहे हैं. प्राधिकरण ने इसको लेकर अविमुक्तेश्वरानंद से जवाब मांगा है. 24 घंटे में मेला प्राधिकरण ने अवमुक्तेश्वरानंद से जवाब मांगा है.
नोटिस भेजने पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद भड़क गए हैं : ”यूपी का मुख्यमंत्री तय करेगा कि शंकराचार्य कौन है?भारत के राष्ट्रपति को भी ये अधिकार नहीं है कि वो तय करें कि कौन शंकराचार्य है शंकराचार्य का निर्णय शंकराचार्य करते हैं”
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यों के साथ उत्तरप्रदेश में हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध को लेकर कवर्धा में प्रदर्शन हुआ। सनातन समाज के लोग सड़क पर उतर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारोबाजी। प्रदर्शनकारियों ने सिग्नल चौक पर उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन कर विरोध जताया।शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के एक शिष्य ने मिडिया को बताया कि’हमारी शिखा पकड़कर ले गए. फिर हमारे कपड़े उतारकर हमें जोर-जोर से मारा गया. हाथ से, लात से मारा गया.”




