आरोपी बर्खास्त सीआरपीएफ जवान को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम शेष नाथ सिंह की अदालत ने 17 अगस्त 2019 को रामगढ़ जिले के बरकाकाना क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दोषी करार दिया है.गौरतलब है कि कोर्ट ने बिहार के आरा जिले के रहने वाले बर्खास्त जवान पवन कुमार सिंह को आईपीसी की धारा 302, 307 और 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया है. इसके साथ ही सजा के बिंदु पर सुनवाई की तिथि 16 मार्च 2023 निर्धारित की गयी है.सोमवार को दोषी ठहराए जाने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उसे रामगढ़ उप कारागार भेज दिया गया।न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभारी अभियोजक आरबी राय ने न्यायालय के समक्ष 16 गवाहों के बयान दर्ज किये थे.घटना में घायल हुए संजय राम और उसकी छोटी बहन सुमन कुमारी, मामले के जांच अधिकारी डीएसपी संजीव कुमार बेसरा और पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर और घायल लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टर ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया था.
पवन ने अपनी सरकारी 9 एमएम पिस्टल से अंधाधुंध फायरिंग कर रेलकर्मी अशोक राम, उसकी पत्नी लीला देवी और बड़ी बेटी मीना देवी की हत्या कर दी थी.घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। बाद में उन्हें 22 मार्च, 2020 को बिहार के आरा जिले के करठ गांव से गिरफ्तार किया गया था।17 अगस्त 2019 की रात करीब आठ बजे जवान बरकाकाना रेलवे कॉलोनी में रेलवे कुली का काम करने वाले अशोक राम के घर पहुंचा और दूध बेचता था.पवन दूध लेने आया था। बताया जाता है कि घटना को अंजाम देने के दौरान वह नशे में था।इस दौरान जैसे ही घर के लोगों ने दूध बेचने से मना किया तो पवन ने गुस्से में अशोक राम, उसकी पत्नी लीला देवी व पुत्री वर्षा देवी पर गोली चला दी, जबकि छोटा पुत्र संजय राम व एक अन्य पुत्री सुमन कुमार घायल हो गये.बताया जा रहा है कि सुमन का अभी इलाज चल रहा है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है. इस घटना में घायल संजय राम ने घटना वाले दिन जीआरपी इंस्पेक्टर के समक्ष बयान दर्ज कराया था.



