रांची: स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा झारखंड के सरकारी स्कूलों में मानविकी, क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई जल्द शुरू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है.इन भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने के लिए राज्य के सभी 510 प्लस टू स्कूलों में सबसे पहले शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी.उद्देश्य के तहत विभाग द्वारा मानविकी, क्षेत्रीय और जनजातीय विषयों में 1033 स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (पीजीटी) के पद सृजित करने का प्रस्ताव तैयार कर प्रशासनिक संवर्ग समिति को भेजा जा चूका है.वहां से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी.हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका संख्या 3547/2016 में न्यायालय द्वारा पारित आदेश के तहत विभाग ने नए पदों के सृजन और अप्रासंगिक पदों को सरेंडर करने की अनुशंसा के लिए एक समिति का गठन किया था.इस समिति ने 1033 नये पदों के सृजन का प्रस्ताव तैयार किया है.फिलहाल राज्य के प्लस टू स्कूलों में 11 विषयों की पढ़ाई होती है.इनमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, अर्थशास्त्र, भूगोल, इतिहास, रसायन विज्ञान, भौतिकी, जीव विज्ञान, गणित और वाणिज्य विषयों के लिए सभी स्कूलों में एक-एक पद सृजित किया गया है.कमेटी की अनुशंसा को मंजूरी मिलने के बाद स्कूलों में दो और पद सृजित किये जायेंगे.झारखंड में कुल 635 प्लस टू स्कूल हैं.इनमें से 510 प्लस टू स्कूलों में पद स्वीकृत हैं, जबकि 125 स्कूलों को प्लस टू में अपग्रेड किया गया है.अपग्रेड किए गए स्कूलों के लिए अब तक शिक्षकों के पद स्वीकृत नहीं किए गए हैं।प्लस 2 स्कूलों में 11वीं और 12वीं में करीब 276979 बच्चे पढ़ते हैं.इन छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों के कुल 5610 पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 2490 ही कार्यरत हैं।पलामू में 31, धनबाद में 17, बोकारो में 21, कोडरमा में 18, सिमडेगा में 13, गिरिडीह में 27, हजारीबाग में 38, पश्चिमी सिंहभूम में 36, पाकुड़ में 16, पूर्वी सिंहभूम में 20, रांची में 37, रामगढ़ में 12, सरायकेला खरसावां में 18, साहिबगंज में 16, देवघर में 26, दुमका में 23 , जामताड़ा में 11, गढ़वा में 23, गोड्डा में 26, गुमला में 19, लातेहार में 16 और लोहरदगा में 12 प्लस टू स्कूल हैं।



