झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने भाजपा के स्टार प्रचारक पीएम नरेन्द्र मोदी द्वारा चुनावी सभाओं में अपने भाषण के दौरान धर्म-सम्प्रदाय विषेश (मुसलमान / इस्लाम) के विरूद्ध साम्प्रदायिक एवं भेद-भाव पूर्ण भाषा प्रयोग करने के संबंध में चुनाव आयोग को आरोप पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने 3-4 मई को झारखण्ड के विभिन्न जिलों में पीएम मोदी द्वारा मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरती शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया है.
पत्र में सुप्रियो भट्टाचार्य ने लिखा :…भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत लोकसभा उम्मीदवारों के पक्ष चुनावी सभाओं में अपने उद्गार व्यक्त करते हुए आधारहीन एवं तथ्यों से परे भाषण के रूप में गैर संसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए मुस्लिम समुदाय के विषय में नफरती शब्दों का प्रयोग किया गया, जो न केवल साम्प्रदायिक सौहार्द को विचलित करने वाला है और झारखण्ड जैसे शान्ति पूर्वक राज्य जिसमें आदिवासी, मूलवासियों का एक साझा विरासत है, को खण्डित करने का कुत्सित प्रयास के रूप में भी देखा जा सकता है।…आग्रह होगा कि भारत के समृद्ध एवं मजबूत लोकतंत्र की रक्षा हेतु तथा आम निर्वाचन में सभी राजनैतिक दलों को दिये गए आपके द्वारा निर्देशित भाषा के मापदण्ड को सख्ती से पालन करते हुए यह सुनिश्चित की जाय कि भाजपा के किसी भी स्तर के स्टार प्रचारक धर्म-सम्प्रदाय के खिलाफ अनर्गल वक्तव्य न दें एवं अपने निर्वाचनी घोषणा पत्र अनुसार ही अपनी बातों को रखें तथा सरकार में रहते हुए आम जनों के अधिकार एवं सम्मान के लिए किये गए कार्यों को ही उल्लेख करें। महोदय से यह भी आग्रह होगा की भाजपा के स्टार प्रचारकों के द्वारा जिस प्रकार के वक्तव्य दिये जा रहे हैं, उससे यह सहज जिज्ञासा होता है कि क्यों नहीं भारतीय जनता पार्टी के एक राष्ट्रीय राजनैतिक दल के मान्यता को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण (24 घंटे के अंदर) प्राप्त कर सार्वजनिक किया जाय।






