रांची: झारखंड की राजधानी रांची के मेन रोड स्थित राज हॉस्पिटल (Raj Hospital) में एक 18 वर्षीय युवक, राजू कुमार रंजन की मौत के बाद इलाज में लापरवाही और भारी-भरकम बिल को लेकर परिजनों ने भारी हंगामा किया है।परिजनों के अनुसार, मई महीने में एक सड़क हादसे में युवक का पैर टूट गया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में शुरुआती 2-3 दिनों तक मरीज के घाव की सही तरीके से ड्रेसिंग नहीं की गई। इसी लापरवाही की वजह से पैर में गंभीर संक्रमण (इंफेक्शन) फैल गया और धीरे-धीरे मरीज की हालत बिगड़ती चली गई।परिजनों का दावा है कि सिर्फ पैर के फ्रैक्चर के इलाज के नाम पर मरीज को वेंटिलेटर/ICU में रखा गया और अस्पताल ने करीब 16 से 22 लाख रुपये का भारी-भरकम बिल बना दिया.उनका आरोप है कि जब मरीज की स्थिति बिल्कुल नाजुक हो गई, तो अस्पताल प्रबंधन ने उसे दूसरे अस्पताल में ले जाने (रेफर करने) की बात कही, जिसके बाद इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई.
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के उपायुक्त को मामले का तत्काल संज्ञान लेकर पूरी जांच कराने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।इस पर रांची के उपायुक्त ने जवाब देते हुए कहा कि मामले में संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन, सदर रांची को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, पूरे प्रकरण की जांच के लिए जिला स्तरीय जांच टीम का गठन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।




