मतदान के दिन कल्पना सोरेन ने असमवासियों के नाम लिखा पत्र”यह राजनीति का विषय नहीं,यह सम्मान, पहचान और न्याय का प्रश्न है”

0
kalpana soren

असम, केरलम और पुडुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। असम में झामुमो ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं. स्टार प्रचारक सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने करीब एक सप्ताह तक असम में चुनाव प्रचार किया.जिसके बाद आज झारखण्ड में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने असमवासियों के नाम पत्र लिखा है.कल्पना सोरेन ने एक्स पर लिखा प्रिय असमवासियों,मैं यह पत्र केवल एक राजनीतिक प्रतिनिधि के रूप में नहीं,बल्कि एक संवेदनशील नागरिक और एक स्त्री के रूप में लिख रही हूँ- जिसे इस देश के आदिवासी समाज के दर्द को समझने और महसूस करने का अवसर मिला है।असम के चाय बागानों में काम करने वाले हमारे आदिवासी भाई-बहनों की कहानी सिर्फ मेहनत की नहीं,बल्कि एक लंबे और गहरे अन्याय की कहानी है।पीढ़ियों पहले उन्हें उनके घरों से दूर लाया गया,इस धरती से जोड़ा गया,और उन्होंने बिना किसी शर्त के इसे अपना सब कुछ दे दिया- अपना श्रम, अपना जीवन, अपनी आने वाली पीढ़ियाँ।

कल्पना सोरेन ने आगे एक्स पर लिखा लेकिन आज एक सीधा सवाल खड़ा होता है-क्या इस समाज को उसका हक़ मिला?सच्चाई यह है कि आज भी असम का आदिवासी समाजअपने मूल अधिकार-ST के संवैधानिक दर्जे से वंचित है।यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं,बल्कि एक ऐसी पीड़ा हैजो हर उस परिवार में महसूस होती हैजहाँ सपनों को पहचान के अभाव में सीमित कर दिया जाता है।जब किसी बच्चे को यह महसूस कराया जाता है कि वह इस देश के ढांचे में पूरी तरह स्वीकार नहीं किया गया है,तो यह केवल उसका नहीं,बल्कि पूरे समाज का नुकसान है।और सबसे दुखद यह है कि दशकों तक इस मुद्दे को टाला गया,मानो यह कोई प्राथमिकता ही न हो।मैं पूरे सम्मान और स्पष्टता के साथ कहना चाहती हूँ,असम के आदिवासियों को ST का दर्जा न मिलना सिर्फ देरी नहीं,बल्कि एक निरंतर अन्याय है।यह राजनीति का विषय नहीं,यह सम्मान, पहचान और न्याय का प्रश्न है।अब समय आ गया है किहम इस सच्चाई को स्वीकार करें,इस पीड़ा को समझें,और इसे सुधारने के लिए ठोस निर्णय लें।मैं असम की जनता से कहना चाहती हूँ-आपकी आवाज़ महत्वपूर्ण है,आपका अधिकार वैध है,और आपका सम्मान अनिवार्य है।अब समय है किलोकतंत्र इस प्रश्न का स्पष्ट और न्यायपूर्ण उत्तर दे।आपकी अपनी,कल्पना सोरेन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here