गिरिडीह और दुमका में चिड़िया घर बनेगा। वहीं लातेहार के पुतवागढ़ संरक्षित वन क्षेत्र में टाइगर सफारी की स्थापना होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को बन्यजीव बोर्ड की 15वीं बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इन परियोजनाओं का कार्यान्वयन समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।गिरिडीह के पीरटांड़ में बनने वाला चिहिया घर झारखंड का सबसे बड़ा चिड़ियाघर होगा। यह 396 एकड़ में बनेगा। वहीं दुमका के हरिपुर में 116 एकड़ में चिड़िया घर बनाया जाएगा। वहीं टाइगर सफारी 150 एकड़ में होगी। इसके लिए चिह्नित जमीन का नक्शा भी तैयार हो गया है। पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि इस फैसले से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इन परियोजनाओं से प्रकृति समृद्ध क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़गी तो अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह निर्णय झारखंड को पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई और सशक्त पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा। पीरटांड़ के जिस क्षेत्र को चिड़िया घर की स्थापना के लिए चिह्नित किया गया है, वहां से जैन समाज का विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन काफी निकट है। मधुबन में सालों भर देश पिदेश से तीर्थयात्री पहुंचते हैं, पर आसपास कोई पर्यटन स्थल नहीं होने के कारण वे मधुबन से ही लौट जाते हैं। अब वे चिड़िया घर व पार्क का आनंद उठा सकेंगे।गौरतलब है कि पौरटांड़ का इलाका कुछ साल पहले तक लाल आ*तंक के रूप में जाना जाता था। लेकिन अब इस इलाके की फिजा बदलने लगी है। पहले यहां 700 करोड़ रुपए की लागत से माइक्रोलिफ्ट सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई थी। यह जल्दी ही धरातल पर उतरने वाला है। अब यहां चिड़ियाघर बनाने की घोषणा से लोग काफी प्रसत्र हैं।




