रांची: झारखंड को नशामुक्त प्रदेश बनाने हेतु आज प्रोजेक्ट भवन, रांची के सभागार में आयोजित निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध राज्यव्यापी जागरूकता अभियान कार्यक्रम में आज स्वास्थ मंत्री इरफ़ान अंसारी सम्मिलित हुए।दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं जन-जागरूकता हेतु प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया एवं नशे के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई। मंत्री ने कहा नशा नाश का कारण बनता है। जिस देश और राज्य का युवा नशे की चपेट में आ जाए, उसका कोई भविष्य नहीं हो सकता। नशे से दूरी बनाने के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। नशा केवल व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज के विकास में बाधा उत्पन्न करता है। इसलिए मेरी आप सभी राज्य वासियों से अपील है कि, आइए हम सब मिलकर इस आंदोलन को मजबूत करें और एक स्वस्थ, जागरूक व नशामुक्त झारखंड के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं.झारखंड सरकार नशे के खिलाफ अनेकों योजनाएं चला रही है। सरकार ने मादक पदार्थों की लत के दुषपरिणामों और इसके बढ़ते प्रसार को संज्ञान में लिया है। इसलिए युवाओं को नशे से बचाने के लिए यह जनजागरूकता अभियान की शुरूआत की गई। कुछ दिनों पहले ही मैंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि नशे के उद्देश्य से उपयोग की जाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री को रोकने के लिए सभी मेडिकल स्टोर्स को एडवाइजरी जारी की जाए। विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये है यदि कोई भी प्रतिबंधित दवाओं को बेचते या अवैध कारोबार करते हुए पकड़ा जाता है तो कठोरसे कठोर कार्रवाई की जायेगी। मैं फिर इस बात को दोहराता हूँ कि, नशे के खिलाफ इस लड़ाई के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। यह व्यक्तियों, समुदायों और सरकारी निकायों की सक्रिय भागीदारी की मांग करता है। सहयोग, जागरूकता और प्रभावी पुनर्वास के माध्यम से हम समाज को नशा मुक्त बना सकते हों।




