मंत्री इरफान अंसारी: मरांडी जी राजनीति के लिए इंसानियत का गला न घोंटिए!

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irfan ansari

रांची: स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक्स पर बाबूलाल मरांडी को उनके एक बयान पर खूब खरी खोटी सुनाई ”मानवता का मोल समझिए, बाबूलाल मरांडी जी @yourBabulal — राजनीति के लिए इंसानियत का गला न घोंटिए! बाबूलाल मरांडी जी, आपसे आग्रह है कि इतनी ओछी और निम्न स्तर की राजनीति करना बंद करें। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां आपकी पार्टी की गाड़ियाँ और कार्यकर्ता घटनास्थल से गुज़रे, लेकिन किसी ने एक पल को भी रुककर पीड़ित की मदद करना जरूरी नहीं समझा। क्या यही है भाजपा की संवेदनशीलता और इंसानियत?जहां एंबुलेंस को पहुँचने में कम से कम 25 मिनट लगते, वहां मैंने तत्काल नज़दीक खड़े एक ऑटो को बुलाया — जब वह खराब निकला, तो अपनी निजी गाड़ी से उस घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाया, उसका समुचित इलाज कराया।आज वह व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ है, और उसके परिजन मुझे दुआएं दे रहे हैं।लेकिन आपको ये सब नज़र नहीं आया, क्योंकि आपकी नज़र सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ पर टिकी है – न कि इंसानी जान पर।आप और आपकी बीजेपी @BJP4Jharkhand अगर मदद नहीं कर सकते, तो कम से कम जान बचाने वालों पर घटिया टिप्पणी करना तो बंद करें।इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है — और उस पर राजनीति करना सबसे बड़ा पाप।आपको चाहिए था कि स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार में हम जो दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, उसकी सराहना करते — न कि मानवता के कार्यों को भी राजनीति की कीचड़ में घसीटते।बाबूलाल जी, जिसकी ज़मीर और जिसकी मानवता बिक जाए,वो इंसान नहीं — बिका हुआ सामान कहलाता है।कृपया स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर संवेदनशीलता दिखाइए।”

क्या था भाजपा नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का बयान: सड़क पर घायल व्यक्ति के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था कराने के बजाय स्वास्थ्य मंत्री ने उसे टेम्पो में लादकर अस्पताल भेजा।इससे अधिक शर्मनाक स्थिति और क्या हो सकती है?एयर एम्बुलेंस का ढोल पीटने वाली सरकार हकीकत में केवल फर्ज़ी विज्ञापनों से अपनी वाहवाही लूटने में लगी है।झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी जर्जर हो चुकी है कि खुद मंत्री और मुख्यमंत्री भी अपने या अपने परिजनों का इलाज राज्य के अस्पतालों में करवाने का साहस नहीं कर पाते!

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