झारखंड में बढ़ सकता है लॉकडाउन! जानिए क्या कहा हेमंत सोरेन ने इसके बारे में।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभिन्न समाचार माध्यमों से कोरोना वायरस के संक्रमण के कम होने की सूचनाओं का हवाला देकर आम लोगों से अपील की है कि अभी वायरस का खतरा टला नहीं है और अभी अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए. इसे लेकर सोरेन ने बुधवार को ट्वीट कर कहा कि पिछले एक वर्ष से हमने देखा कि जब-जब हमने इस महामारी को हल्के में लिया हे, तब-तब इसने दोगुनी ताकत से वापस आकर तबाही मचाई है. फिलहाल कम हो रहे मामले पर हमें खुश होने के बदले और ज्यादा सतर्क रहना है. Also Read – Black Fungus और CoronaVirus की तीसरी लहर को लेकर क्या कहा केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने, जानिए
सीएम सोरेन ने कहा कि झारखंड के लोगों के सहयोग से ही हम इस महामारी को धीरे-धीरे काबू में कर रहे हैं, पर अब ये लड़ाई ग्रामीण क्षेत्रों को महामारी से बचाने की है. इसलिए हम अब ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर सर्वे और टेस्ट कर रहे हैं, ताकि संक्रमण का तेजी से पता लगाकर उसे काबू में किया जा सके. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी बहुत पहले शुरू कर चुकी है. Also Read – वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी: वैक्सीनेशन में लाएं तेजी, आनेवाली है कोरोना की तीसरी लहर, जानिए कब…
सोरेन ने आगे कहा कि विशेषज्ञों से राय लेकर हम आनेवाले समय में संक्रमण के खतरे को कम करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं. स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह मे पाबंदियां बढ़ने से आम लोगों को तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन यह आपके अपनों और पूरे राज्य के लिए जरूरी है. उन्होंने आम लोगों को हुई असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है. Also Read – CoronaVirus 3rd Wave In India: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से पूछा-तीसरी लहर में बच्चे भी होंगे संक्रमित, क्या है आपकी तैयारी
राज्य सरकार कोरोना की दूसरी लहर से सीख लेकर इसकी संभावित तीसरी लहर से पहले सही सारी तैयारी पुख्ता करना चाहती है। विकास आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने इसे लेकर बुधवार को कोविड टास्क फोर्स के साथ बैठक कर इससे निपटने को लेकर रणनीति तैयार की,
बैठक में प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया गया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए किस तरह तथा कतने संसाधन की आवश्यकता राज्य सरकार को होगी तथा कितने मानव संसाधन की आवश्यकता पड़ेगी. खासकर इस लहर से बच्चों को बचाने को लेकर टास्क फोर्स में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों से राय ली गई. इसमें शिशु कोविड वार्ड बनाने से लेकर शिशु रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति पर विशेष जोर दिया गया.



