रांची: झारखंड में सरकारी शिक्षा का रुख बदल रहा है। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (स्कूल ऑफ एक्सीलेंस) अब अभिभावकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।सत्र 2026–27 में कक्षा 1 से 9 तक के करीब 40% छात्र निजी स्कूल छोड़कर इन स्कूलों में आए हैं—करीब 9,000 सीटों में से 3,500+ ऐसे छात्र हैं। 28 अप्रैल की प्रवेश परीक्षा के लिए भी 10,000 सीटों पर 4,500+ प्राइवेट स्कूल के छात्रों ने आवेदन किया है। हाल ही में लातेहार जिले के जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय (SoE) के छात्र करण कुमार ने CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 में 97.2% अंक हासिल कर जिला टॉप किया। उनकी इस शानदार सफलता ने झारखंड के सरकारी स्कूलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाया है।बेहतर 10वीं-12वीं के रिजल्ट ने भरोसा बढ़ाया है—पास प्रतिशत 66.64% से बढ़कर 69.20% हुआ, जबकि फेल छात्र घटे हैं। स्मार्ट क्लास, STEM लैब, लाइब्रेरी और कम/मुफ्त फीस जैसी सुविधाओं ने इन्हें महंगे निजी स्कूलों का मजबूत विकल्प बना दिया है।




