रांची: रांची में JPSC परीक्षा को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने प्रशासन और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मरांडी के अनुसार, देर रात रांची के डीसी और सिटी एसपी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित धरनास्थल पर पहुंचे और बिजली बंद कराकर छात्रों को जबरन वहां से हटाने का प्रयास किया। अधिकारियों का कहना था कि सरकार ने JPSC परीक्षा रद्द कर दी है, इसलिए अब धरना समाप्त कर दिया जाए।छात्रों की सूचना मिलते ही देर रात भाजपा के नेता आंदोलन स्थल पर पहुंचे। भाजपा नेताओं को वहां पहुंचता देख प्रशासनिक अधिकारी मौके से चले गए। मरांडी का कहना है कि छात्रों की मांग केवल परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं है। आंदोलनकारी JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नौकरी बेचने के आरोपों की निष्पक्ष CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्र पहले CID जांच को लेकर सरकार के आश्वासनों पर भरोसा कर चुके हैं, लेकिन अब उस जांच पर विश्वास नहीं है। सरकार को पुलिस और प्रशासन के बल पर छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए। मैं हेमंत सरकार को स्पष्ट रूप से चेतावनी देता हूं कि छात्र शक्ति को चुनौती देने की भूल मत कीजिए। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में उठी यह आवाज अगर दबाने की कोशिश की गई, तो इसकी चिंगारी झारखंड के गांव-गांव तक पहुंचेगी।
मरांडी ने प्रशासन के रवैये को अलोकतांत्रिक बताते हुए सरकार से छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन के बल पर शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने के बजाय सरकार को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।मरांडी ने कहा है कि, रांची जिला प्रशासन आंदोलन स्थल पर बिजली, पानी, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करे, न कि सरकार के इशारे पर शांतिपूर्ण आंदोलन को प्रभावित करने का प्रयास करे।




