रांची : झामुमो ने कहा है कि झारखंड समेत देश के आदिवासी समाज की वर्षों से अलग धर्म कोड की मांग रही है। यह आदिवासी समाज की पहचान और अस्मिता के लिए अत्यंत आवश्यक है।चंपई जी झामुमो की विचारधारा को प्रमुखता से उठाते रहे हैं, उनका भी कमिटमेंट सरना आदिवासी धर्म कोड लागू करना रहा है।15 सितंबर को आदरणीय प्रधानमंत्री जी के साथ मंच साझा करते समय वह सरना आदिवासी धर्म कोड की घोषणा अवश्य कराएं।झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य कहते हैं हमारी प्रतिबद्धता “सरना धर्म कोड” को लागू करना है, और यदि ऐसे वक्त मे जब सरना धर्म के सबसे बड़े उपासना के करमा पर्व के ठीक बाद प्रधानमंत्री जी झारखंड मे होंगे और उनके साथ मंच पे चंपाई सोरेन जी भी होंगे, तो ये अच्छा अवसर होगा की वो उनसे सरना धर्म की गणना के साथ सरना धर्म कोड की भी घोषणा करवा दें।




