झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष श्री अजय राय ने झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड के सीएमडी,एवं महाप्रबंधक(कार्मिक सह सामान्य प्रशासन)को एक ज्ञापन सौंपा है।ज्ञापन में झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने लिख कर सीएमडी का ध्यान खूंटी में विगत 17 जून को घटी घटना में दुर्घटनाग्रस्त हुए मानव दिवस कर्मी अंबिका दास की ओर इंगित कराते हुए कहा है कि सहायक विद्युत अभियंता जितेंद्र कुमार के गलत आदेश के कारण यह दुर्घटना हुई है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई हो यह श्रमिक संघ मांग करती है। ज्ञापन में विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए,झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष श्री अजय राय ने बताया कि विगत दिनांक17/6/23 को सहायक विद्युत अभियंता तोरपा/खूंटी (अतिरिक्त प्रभार) जितेंद्र कुमार के आदेश पर मानव दिवस कर्मी अंबिका दास कार्य कर रहा था उसी क्रम में पदाधिकारी के गलत आदेश पर दुर्घटना का शिकार हो गया और आज टीएमएच जमशेदपुर में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। इस सम्बंध में अजय राय ने कहा कि खूंटी के कार्यपालक अभियंता जानबूझकर जिस सहायक अभियंता जितेंद्र कुमार पर आरोप है उसी सहायक अभियंता को बचाने के लिए उसे ही जांच कमेटी का सदस्य बना दिया है जिसे संघ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जितेंद्र कुमार का पूरे कार्यकाल का अगर जांच कराई जाए तो कितने बेनामी संपत्ति इन्होंने अवैध रूप से बनाया है।अभी यह उसी का एक जीता जागता प्रमाण है कि उन्होंने सारे नियम कानून को ताक पर रखकर ठीकेदारी कर रहे तोसा कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए एजेंसी के मानव दिवस कर्मियों का गलत ढंग से अनावश्यक दबाव बनाकर काम कराया जिसके दौरान यह घटना घटी। इस तरह की कई और क्रियाकलाप इनके पूर्व पदस्थापन जामताड़ा में भी रहे है, इनके आचरण कार्यशैली की जानकारी इनके साथ वहां पदस्थापित पदाधिकारियों कर्मचारियों से ली जा सकती है।
अजय राय ने बताया कि 33/11kv गम्हरिया विद्युत शक्ति उपकेंद्र में दिनांक-17/6/23 दिन शनिवार को दिन भर अंबिका दास एवं अन्य मानव दिवस कर्मी जो गितराज एजेंसी के माध्यम से मूरहू,खूंटी विद्युत शक्ति उपकेंद्र तथा फील्ड में कार्यरत हैं, जिन्हें अपने ही पदस्थापित स्थान पर ही कार्य करना है को उनके कार्य क्षेत्र से हटाकर दूसरे विद्युत शक्ति उपकेंद्र में CT,PT और ब्रेकर का काम सहायक विद्युत अभियंता जितेंद्र कुमार के आदेश पर कराया जा रहा था, इस कार्य की जानकारी सेक्शन के कनीय अभियंता तक को भी नहीं दी गई थी जो नियम अनुकूल नहीं है,जहां CT,PT एवं ब्रेकर रिपेयर के लिए खूंटी डिवीजन में प्रमुख रूप से तोसा कंपनी नियुक्त है जिसे ये सब कार्य करना है। आखिर ऐसी क्या जरूरत आ पड़ी की ठेकेदार का काम करने हेतु अन्य पदाधिकारियों से छुपते छुपाते अन्य क्षेत्रों से भी मानव दिवस कर्मी को बुला कर कार्य 33/11KV गम्हरिया विद्युत शक्ति उपकेंद्र में लिया जा रहा था । आखिर ठेकेदार के साथ कौन सा रिश्ता निभाया जा रहा था? सारा मामला ही अपने-आप मे संदेहास्पद सा लग रहा है,वही उसी दिन शाम में जितेंद्र कुमार द्वारा ब्रेकर में चढ़कर फोटो खींचने हेतु आदेश दिया गया और उसी क्रम में मानव दिवस कर्मी अंबिका दास दुर्घटना का शिकार हो गया जहां उसके बचने की उम्मीद कम है। दुर्घटना में उसके माथे में विद्युत स्पर्श आघात से 1 इंच छेद हो चुका है और हाथ की उंगलियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है,वही इस दुर्घटना में उसकी मेमोरी पर भी बहुत गहरा प्रभाव पड़ा है और वह कभी-कभी अपनी पूरी स्मरण शक्ति ही खो दे रहा है। अंबिका दास बहुत ही गरीब घर का लड़का है वही उसके इलाज में प्रतिदिन वहां 20 से ₹25000 का खर्च वहन करना पड़ रहा है। यह सारी जानकारी दुर्घटनाग्रस्त अंबिका दास के साथ काम करने वाले विधुतकर्मियो एवम उनके पिता से संघ को मिली है।
वही खूंटी विभाग के कार्यपालक अभियंता इस पूरे घटना की जांच में दोषी जितेंद्र कुमार को ही कमेटी का सदस्य बना कर करवा रहे हैं जरा सोचिए यह कितना जायज है और इसमें कार्यपालक अभियंता की मानसिकता भी साफ झलकती है की वह करना क्या चाहते हैं। संघ आपको यह भी जानकारी दे रहा है कि कार्यपालक अभियंता जेम्स कुजूर उसी खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के रहने वाले हैं वही सहायक विद्युत अभियंता जितेन्द्र कुमार का तमाड़ से ही पढ़ाई लिखाई पूरी हुई है जो पूर्व में अविभाजित खूंटी जिले का ही हिस्सा था,ऐसे में खूंटी जिला का राजस्व संग्रह भी भगवान भरोसे ही चल रहा है, इसकी भी जांच हो जाए तो सब दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
श्रीमान से संघ निवेदन करता है की एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाकर अभियंता जितेंद्र कुमार के अभी तक के पूरे कार्यकाल की जांच कराई जाय साथ ही साथ अंबिका दास के दुर्घटना शिकार होने की उच्चस्तरीय जांच हो तथा उसके इलाज का पूरा खर्च विभाग वहन करें ।



