जमशेदपुर के सिधगोड़ा में मनप्रीत सिंह की हत्या का झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को स्वत: संज्ञान लिया।मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य प्रशासन से जवाब मांगा है.अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि राज्य में गवाह संरक्षण कार्यक्रम मौजूद है या नहीं. गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने, यदि कोई हो, क्या प्रयास किए हैं?अदालत के अनुसार सरकार के पास हलफनामा दाखिल करने के लिए 27 जून तक का समय है।
जमशेदपुर के सिदगोड़ा के रहने वाले मनप्रीत सिंह की बुधवार को कोर्ट में सुनवाई कर घर लौटने पर हत्या कर दी गई. जमशेदपुर में हत्यारे ने उसके घर का दरवाजा तोड़ा और उसकी मां के सामने ही उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. उसकी मां के मुताबिक, वह 30 मिनट तक पुलिस को फोन करती रही लेकिन बेटे को बचाने के लिए कोई नहीं आया.



