झारखंड हाई कोर्ट ने गृह सचिव को 6 अप्रैल को किया तलब

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झारखंड उच्च न्यायालय ने आज राज्य के गृह सचिव को निर्देश दिया कि वह 6 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होकर बताएं कि सात साल पहले इस संबंध में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद राज्य में आदर्श जेल नियमावली का मसौदा क्यों नहीं तैयार किया जा सका।मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति आनंद सेन की खंडपीठ ने देरी पर नाराजगी जताते हुए यह आदेश दिया.कोर्ट ने सरकार से पूछा कि वह इस मामले में स्पष्ट जवाब क्यों नहीं दे रही है। कोर्ट ने कहा कि जब भी सरकार से मैनुअल के बारे में पूछा जाता है तो वह कभी जवाब देती है कि प्रक्रिया चल रही है और कभी कहती है कि मैनुअल कैबिनेट को मंजूरी के लिए भेजा गया है।साल 2013 में जेल मैनुअल का मुद्दा उठा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सभी राज्यों को जेलों में सुधार के निर्देश दिए गए थे। उसी आदेश के आलोक में झारखंड उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले को जनहित याचिका में तब्दील करते हुए सुनवाई शुरू की.

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