रांची: सीएम हेमंत सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों को खनन पट्टा देने और अलग-अलग जगहों पर सरकारी जमीन की बंदोबस्ती के मामले की जांच के लिए दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है.सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सीएम के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया.इस जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और पीयूष चित्रेश ने अपना पक्ष रखा.इस संबंध में हाई कोर्ट के अधिवक्ता व सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुनील महतो ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी.हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई की.मालूम हो कि आरटीआई कार्यकर्ता और वकील सुनील महतो ने अपनी जनहित याचिका में आरोप लगाया था कि रांची जिले के चान्हो में 11 एकड़ जमीन 2021 में मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन और उनकी भाभी के स्वामित्व वाली एक कंपनी को आवंटित की गई थी। उसी जिले के अंगारा ब्लॉक में भी 88 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। उसी जिले के अंगारा ब्लॉक में भी 88 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। उसी वर्ष सोरेन को ही आवंटित कर दिया गया।



