जामताड़ा: पालाजोरी में मेराज अंसारी की संदिग्ध पुलिस हिरासत में मौत ने पूरे झारखंड को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि साइबर क्राइम के नाम पर कुछ पुलिस अधिकारी बेवजह निर्दोष लोगों को उठा रहे हैं और थर्ड डिग्री टॉर्चर कर रहे हैं। जामताड़ा में भी ऐसी घटना सामने आई थी, जिस पर उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई की थी। लेकिन अब यह रवैया अन्य जिलों में फैलता दिख रहा है, जो न केवल निंदनीय है बल्कि लोकतंत्र के खिलाफ भी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी पुलिस कस्टडी में जान से मारने का अधिकार नहीं है – कानून से ऊपर कोई नहीं। डॉ. अंसारी ने साफ कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी जानबूझकर हेमंत सोरेन सरकार की छवि खराब करने की साजिश कर रहे हैं। अगर किसी ने अपराध किया भी है, तो कानून के तहत जांच और पूछताछ होनी चाहिए, न कि टॉर्चर और हत्या। सरकार किसी भी कीमत पर ऐसे अमानवीय कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगी। मेराज अंसारी को इंसाफ मिलेगा और जिम्मेदार अफसरों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा – यही लोकतंत्र की असली जीत होगी।




