देवघर : बाबा धाम की पावन नगरी देवघर में आज आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन शामिल हुए.राज्यभर में लग रहे शिविरों में उत्साह का माहौल है। सीएम ने सभी से अपील की है कि अपने गांव, पंचायत, वार्ड में इन शिविरों के जरिए राज्य सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अवश्य लें। सीएम ने कहा विपक्ष को राज्य के लोगों को हक़-अधिकार मिलता हुआ नहीं दिखता। न उन्हें किसानों, न हमारे गांव-देहात से कोई सरोकार है। न महिला, न बुजुर्गों, न युवा, न मजदूरों और न राज्य के बच्चों से कोई सरोकार है। आज हम अपने बुजुर्गों को सम्मान देने के साथ-साथ हमारी आने वाली पीढ़ी को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं। आपको पता है राज्य में सभी जिलों में उत्कृष्ट विद्यालय बनाये गए हैं, जहां गरीब के बेटा-बेटी प्राइवेट स्कूल की तरह शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। राज्यभर में कुल पांच हजार स्कूल ऐसे बनाये जायेंगें।हमारी सरकार है जिसने लाखों बच्चों को प्री और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से जोड़ने का काम किया है। छात्रवृत्ति की राशि को 2 से 3 गुना भी बढ़ाया गया है। साइकिल की राशि भी 3500 रुपए की जगह 4500 रुपए बढ़ाकर राज्य के लाखों बच्चों को दी जा रही है। हमारे नौनिहाल पढ़ेंगे, आगे बढ़ेंगे तो हमारा युवा राज्य आगे बढ़ेगा।सीएम ने कहा नौकरी, रोजगार, स्वरोजागर से हजारों युवाओं को जोड़ा गया है। अभी सीडीपीओ, एएमओ, शिक्षक, सिपाही आदि की हजारों नियुक्तियां निकलनी है। सरकारी, गैर-सरकारी-दोनों क्षेत्रों में युवाओं को नौकरी और रोजगार से जोड़ा गया है।युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए हमने ट्रेनिंग सेंटर, जो पहले जिला स्तर पर ही होता था, उसे प्रखंड स्तर पर खोलने का काम किया है। कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर हजारों युवा अपना भविष्य संवार रहे हैं।मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के अंतर्गत अब ग्रामीण क्षेत्रों में आवगमन भी आसान होगा। छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग, आंदोलनकारियों, विधवा महिला आदि मुफ्त में इस योजना का लाभ ले पाएंगे। पूरे राज्य में हजारों किलोमीटर की ग्रामीण सड़कों को सुदृढ़ीकरण करने का कार्य भी किया जा रहा है।
सीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा राज्य गठन के बाद से 2019 तक मात्र 8 लाख किसानों को केसीसी मिला था। मगर आपकी सरकार बनने के बाद आज कुल 22 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ मिला है। लोगों को योजनाओं से जोड़ने में हमारे आसपास भी कहीं नहीं दिखते हैं विपक्ष के लोग।उसी तरह पेंशन में भी, जिसमें केंद्र सरकार सिर्फ 250 रुपया देता है, उसमें भी राज्य अलग होने के बाद 2019 तक मात्र 15 लाख लोगों को पेंशन मिलता था। आज कुल 60 लाख से अधिक लोगों को पेंशन का अधिकार दिया गया है। समझ नहीं आता 20 साल तक पूर्व की सरकारों ने क्या किया? क्या किया डबल इंजन की सरकार ने? वो सब आपका पैसा हजम करने का काम कर रहे थे। वही पैसा हड़प कर देश की कुर्सी पर जाकर बैठ गए हैं। और तरह-तरह के षड्यंत्र रच रहे हैं।पहले इनके द्वारा बोला जाता था कि न खाऊंगा, न खाने दूंगा। आज यह लोग कहते हैं कि न काम करेंगे, न काम करने देंगे। येन केन प्रकारेण राज्य सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं यह लोग। विपक्ष में बैठे लोग 13-14 साल तक जब एक हाथ से राज्य को लूट नहीं सके तो 2014 में डबल इंजन की सरकार ने राज्य को दोनों हाथों से लूटने का काम शुरू किया। उस समय स्थिति इतनी भयावह थी कि लोग भूखे मर जाते थे, लेकिन इनकी सरकारों के नाक, आंख, कान सब बंद थे। क्योंकि उस समय असंवेदनशील सरकार थी, जिन्हें राज्यवासियों से कोई मतलब नहीं था।आज आपकी सरकार संवेदनशीलता के साथ राज्य के लाखों लोगों को योजनाओं से जोड़ने का काम कर रही है।राज्य की 80 प्रतिशत आबादी गांव में रहती है इसलिए हम अपने गांव को मजबूत करने का काम कर रहे हैं। झारखण्ड देश का पहला राज्य है जहां सभी जरूरतमन्दों को पेंशन का लाभ मिल रहा है। झारखण्ड के समीप वाले राज्यों में लोगों को मिलने वाली पेंशन की राशि भी यहां मिलने वाली राशि से काफी कम है।



