सांसद निशिकांत दुबे ने जसीडीह रेलवे स्टेशन का नाम बाबा बैद्यनाथ स्टेशन करने से सम्बंधित झारखण्ड हाईकोर्ट में याचिका दायर कहा था कि बाबाधाम जाने के लिए लोग जसीडीह स्टेशन पर ही उतरते हैं,५ करोड़ लोग देवघर इस स्टेशन से आते हैं।इस स्टेशन का नाम बाबाधाम किया जाना चाहिए, साथ ही स्टेशन का विकास भी किया जाना चाहिए . शुक्रवार को सांसद की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई . हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और रेलवे को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को निर्धारित की गई है। मामले पर सुनवाई के बाद सांसद ने कहा ”जसीडीह स्टेशन का नाम बाबा धाम रखा जाना चाहिए और इस इसके लिए हम हर प्रयास भी कर रहें हैं। इस स्टेशन पर लाखों की संख्यां में भक्त आते हैं और इसके मद्देनज़र इसका और विकास किया जाना चाहिए। देवघर में हर एक चीज बाबा से जुडी है इसको ध्यान में रखते हुए ये निर्णय लेना काफी अहम है।”मालूम हो की जसीडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलने के सम्बन्ध में सांसद निशिकांत दूबे ने पिछले साल गृहमंत्री को लिख कहा था कि जसीडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर बाबा बैद्यनाथ स्टेशन रखा जाए क्योंकि रेलवे के अपने रिकार्ड्स में भी जसीडीह का नाम 1884 में बैद्यनाथ स्टेशन था. इस नाम को अंग्रेजों ने वित्तिय फायदे के लिए बदल दिया था. इसलिए जसीडीह का नाम बदल कर आजाद भारत में इस ऐतिहासिक भूल को सुधारा जाए और ब्रिटिश राज के बचे हुए इन प्रतीक चिह्नों को खत्म किया जाए.



